About Hen in Hindi – मुर्गी के बारे में रोचक तथ्य

मुर्गी भारत में पाया जाने वाला एक ऐसा पक्षी है जो आकार में अन्य पक्षियों से थोड़ा सा बड़ा होता है। इसके 2 पैर होते हैं, य दो पैर पर चलता है, और तेजी से दौड़ भी पाता है, मुर्गी के सिर के ऊपर एक कल की सी लगी होती है और उसका रंग लाल रंग की होती है।

Information About Hen in Hindi

मुर्गी ज्यादातर गांव में पाली जाती है। मुर्गी के अंडे बहुत से लोग खाना भी पसंद करते हैं, क्योंकि मुर्गी के अंडे में प्रोटीन पाया जाता है। मुर्गा और मुर्गी में से मुर्गा का आकार बड़ा होता है। मुर्गा का रंग भी मुर्गी के अपेक्षा में चमकीला होता है। मुर्गी 1 दिन में एक या दो अंडे देती है। मुर्गी ज्यादातर लाल और सफेद रंग की होती है। मुर्गी के बच्चे को चूजे के नाम से जाना जाता है।

भारत में प्राचीन काल से ही मुर्गिया पाली जाती है, पहले के जमाने में तो लोग मुर्गे की कुश्ती देख कर बहुत ही खुश हो जाते थे। पहले की जमाने में मुर्गे की कुश्ती बहुत ही प्रसिद्ध थी। आज भी कई सारी जगह पर मुर्गों की कुश्ती होती रहती है। सुबह को मुर्गो और मुर्गी के बांग से सभी का नींद खुल जाती है। मुर्गी अपने भोजन के रूप में अनाज के दाने, कीड़े मकोड़े, आदि खाती है। साथ ही कभी कभी इन्हें सब्जियां भी खाते हुए देखा जाता है। मुर्गी को देखने में बहुत ही प्यारी लगती है ! ग्रामीण इलाकों में मुर्गियों की आवाज ज्यादा सुनाई देती है।

About Hen in Hindi

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Essay on Hen in Hindi Language ( About Hen in Hindi)

आमतौर पर मुर्गीया दो प्रकार के पाले जाते हैं, और वह है ब्रायलर और देसी मुर्गी। ब्रायलर मुर्गी की अगर बात की जाए तो- ब्रायलर मुर्गी का पालन मांस के लिए किया जाता है, ब्रायलर प्रजाति के मुर्गी या फिर मुर्गा अंडे से निकलने के बाद 40 ग्राम के होते हैं जो फिर धीरे धीरे सही प्रकार के दाना खिलाने के बाद 6 हफ्ते में ही लगभग 1.5 किलो से 2 किलो तक हो जाती है।

दूसरी तरफ देसी मुर्गी की अगर बात की जाए तो- देसी मुर्गी पालन व्यवसाय 1 ऐसा व्यवसाय है, जो अतिरिक्त आए का साधन बनाता है और देश में 25 से 30 लाख लोगों को रोजगार उपलब्ध कराता है। देसी मुर्गी पालन को हम कम पूंजी थोड़ी जमीन एवं थोड़ी सी मेहनत से और आसानी से ही पाल सकते हैं। मुर्गी पालन का चलन भारत में तेजी से बढ़ता जा रहा है। चीन और अमेरिका के बाद भारत अंडा उत्पादन में तीसरे स्थान पर है, और मांस उत्पादन में पांचवी स्थान पर है।

मुर्गी पालन को हम लोग पोल्ट्री फार्मिंग या फिर कुक्कुट पालन भी कहते हैं। मुर्गी पालन मैं अगर सही प्रशिक्षण लेकर व्यवसाय शुरुआत किया जाए तो इस व्यवसाय में ज्यादा लाभ होता है। ब्रायलर की उपेक्षा में देसी मुर्गी का अंडा और मांस का दाम अच्छा मिलता है। देखा जाए तो देसी मुर्गी पालन व्यवसाय तीन चीजों के लिए किया जाता है, और वह है मांस के लिए, अंडो के लिए, और अंडा मांस दोनों के लिए।

बिहार और झारखंड के जलवायु के अनुकूल के ऊपर निर्भर करके यह तीन देसी मुर्गियों की प्रजातियों को ज्यादा पाला जाता है। ग्राम प्रिया, श्रीनिधि, और बन राजा, देसी मुर्गी पालन के लिए यह तीन विकसित प्रजातियां बहुत ही लाभदायक साबित हुई है। आप भी अगर देसी मुर्गी का पालन करना चाहते हैं तो यह 3 प्रजातियों को जरूर अपनाएं।

About Cock in Hindi ( About Hen in Hindi )

1) मुर्गी एक पक्षी है जिसके पंख होते हैं लेकिन या कम ऊंचाई पर थोड़ी समय के लिए ही उड़ पाती है। मुर्गी को अपने पैरों पर चलना ही ज्यादा पसंद है।

2) मुर्गी पालतू पक्षी है जिसको घरों में पाला जाता है। मुर्गी के अंडे और मीट का व्यापार किया जाता है।

3) लोग नर को मुर्गा और मादा को मुर्गी कहते हैं।

4) मुर्गी के अंडा स्वस्थ वर्धक होता है क्योंकि इसमें काफी मात्रा में प्रोटीन होता है।

5) मुर्गी हमेशा एक खास चुनी हुई जगह पर अंडा देती है।

6) मुर्गी रोजाना एक अंडा जरूर देती है ! और कभी कभी दो अंडे भी दे देती है।

7) बच्चों को पैदा करने के लिए मुर्गी अंडे पर बैठती है और अपने शरीर की गर्मी देती है जिससे बच्चे अंडों में से बाहर निकल आती है। मुर्गी के बच्चों को चूजा कहते हैं।

8) एशिया में कई जगहों पर मुर्गों की लड़ाई भी होती है जो काफी पॉपुलर है।

तो दोस्तों आपको ( About Hen in Hindi ) मुर्गी की जानकारी कैसी लगी ! इसके बारे में जरूर बताएं और अगर इस निबंध ( About Hen in Hindi)  को पढ़कर आपको अच्छा लगा हो तो अपने दोस्तों से शेयर करना ना भूले।

धन्यवाद-

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