About Moon in Hindi – चाँद के बारे में रोचक जानकारी

चांद धरती की एकमात्र प्राकृतिक उपग्रह है। ऐसा माना जाता है कि लगभग करोड़ों साल पहले ” थेया ” नाम का उल्कापिंड पृथ्वी से टकराने की वजह से पृथ्वी का कुछ हिस्सा टूट कर अलग हो गया था, जिससे चांद की उत्पत्ति हुई थी। आइए जानते हैं कि चांद से जुड़े ऐसे ही कुछ अनोखा एवं कुछ रोचक तथ्य के बारे में।

Information About Moon in Hindi

चांद के बारे में जानकारी- चंद्रमा से मानव जाति का पहले से ही बड़ा गहरा तालुक रहा है। जैसे बच्चों को चंदामामा की कहानियां सुनाई जाती है, महिलाएं चंद्रमा को देख कर अपने पति की लंबी आयु की कामना करती है, और हमारे पुराणों में तचंद्रमा को देवता का भी दर्जा दिया गया है। चंद्रमा का इतिहास बहुत ही पुराना है, धरती पर इंसानों की उत्पत्ति के काफी पहले से ही चंद्रमा का अस्तित्व था।

चंद्रमा, वैज्ञानिकों के लिए हमेशा से ही एक अनसुलझी पहेली रहा है। लेकिन जैसे-जैसे विज्ञान बढ़ता गया वैसे ही धीरे-धीरे चंद्रमा के कई रहस्य खुलते गए। 1969 में नील आर्मस्ट्रांग चंद्रमा पर पहुंचने वाले पहले वैज्ञानिक थे। उसके बाद अब तक कई सारे वैज्ञानिक चांद पर जा चुके हैं। लेकिन कुछ लोगों का मानना है कि चांद पर उतरना मात्र एक अफवाह फैलाने वाली बात है। वह लोग सोचते हैं कि आज तक चंद्रमा पर कोई गया ही नहीं है। लेकिन वह लोग चांद के बारे में कितने अनजान थे। इसी कारण चांद के बारे में विस्तार से जानना अनिवार्य है।

About Moon in Hindi

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About Moon in Hindi Language

जैसे हमने पहले ही कहा की चांद हमारे पृथ्वी का इकलौता प्राकृतिक उपग्रह है। वैज्ञानिकों द्वारा माना गया है कि आज से करीब 450 करोड़ साल पहले ” थेया ” नामक उलका से पृथ्वी टकराकर पृथ्वी का कुछ हिस्सा अलग हो गया एवं चांद का निर्माण हुआ। उस समय पृथ्वी द्रव्य रूप में थी , तभी चांद का जन्म हुआ था। चांद 27.3 दिनों में पृथ्वी का एक चक्कर पूरा करता है, और पृथ्वी के समुद्रों पर आने वाले ज्वार और भाटा को भी सृष्टि कर्ता है। चांद पर अब तक सिर्फ 12 मनुष्य ही गए हैं। 1972 के बाद से यानी कि पिछले 46 साल से चांद पर कोई अंतरिक्ष यात्री नहीं गया है। चांद धरती के आकार का केबल 27% ही है।

चांद का भजन लगभग 81,00,00,00,000 ( 81 अरब ) टर्न है। अगर हम पूरा चांद को देख तो वे आधे चांद के तुलना में 9 गुना ज्यादा चमकदार होता है। अगर चांद गायब हो जाए तो पृथ्वी पर मात्र 6 घंटे का दिन ही रह जाएगा। जब अंतरिक्ष यात्री एलेन शेफर्ड चांद पर थे तब उन्होंने एक golf ball को हिट मारा था। और वह ball तकरीबन 800 मीटर दूर तक गई थी, और इसका कारण है ग्रेविटी का कम होना, अगर आपका वजन पृथ्वी पर 60 किलो है, तो चांद की लो ग्रेविटी की वजह से चांद पर आप का वजन 10 किलो ही हो जाएगा। यही कारण है कि चांद पर अंतरिक्ष यात्री ज्यादा उछल कूद कर सकते हैं। जब सारे अपोलो अंतरिक्ष यान चांद से वापस आए तब वह कुल मिलाकर 296 चट्टानों के टुकड़े लेकर आए थे, जिनका द्रव्यमान यानी वजन लगभग 382 किलो का था।

चांद का सिर्फ 59% हिस्सा ही पृथ्वी से देखा जा सकता है। चांद पृथ्वी के इर्द गिर्द घूमते समय अपना सिर्फ एक हिस्सा ही पृथ्वी की तरफ रखता है। इसलिए चांद का दूसरा भाग आज तक पृथ्वी से किसी भी मनुष्य ने नहीं देखा है। लेकिन अंतरिक्ष यानओं की सहायता से चांद के दूसरे हिस्से की तस्वीरें भी ली जा चुकी है। चांद का व्यास पृथ्वी के व्यास का सिर्फ चौथा हिस्सा ही है और तो और लगभग 94 हमारे पृथ्वी में समा सकता है। इसके अलावा भी एक बात और है, चांद हर साल पृथ्वी से करीब 4 सेंटीमीटर दूर जा रही है, और इस कारण से शायद अरबो सालों बाद चांद धरती के इर्द-गिर्द एक चक्कर 47 दिन में पूरा कर पाएगा जोकि अब 27.3 दिनों में कर रहा है। पर यह होगा ही नहीं क्योंकि तब पृथ्वी सूर्य के साथ नष्ट हो जाएगी।

Moon Information in Hindi (चंद्रमा के बारे में जानकारी)

नील आर्मस्ट्रांग ने जब चांद पर अपना पहला कदम रखा था, तब जो निशान चांद की जमीन पर बना था वह अब तक है, और अगले कुछ लाखों सालों तक ऐसा ही रहेगा। इसका एक ही कारण है और वह है कि चांद पर हवा नहीं होता है, इसी वजह से यह निशान मिट नहीं सकता, नील आर्म्सट्रांग जब पहली बार चांद पर चले थे, तो उनके पास राइट ब्रदर्स के पहले हवाई जहाज का एक टुकड़ा था।

सौर्य मंडल के 181 उपग्रह में चांद का आकार पांचवे नंबर पर है। चांद का क्षेत्रफल अफ्रीका के क्षेत्रफल के बराबर है। चांद पर पानी का भी खोज पाया गया है, और वह भारत की ही खोज है। भारत से पहले भी कई वैज्ञानिकों का माना था कि चांद पर पानी होगा, परंतु किसी ने खोजा नहीं। चांद के दिन का तापमान 180 डिग्री c तक पहुंच जाता है, और रात को 153 डिग्री c तक होता है। चांद पर मनुष्य द्वारा छोड़े गए 96 बैग ऐसे भी है जिस पर चांद जाने वाले अंतरिक्ष यात्रियों का मल , मूत्र और उल्टियां फेंकी गई है।

अमेरिकी सरकार ने चांद पर आदमी भेजने और ओसामा बिन लादेन को ढूंढने में बराबर के समय और पैसा खर्च किया है। जिसमें 10 साल और 100 करोड़ डॉलर की खर्च हुई है। आपको एक बात जानकर हैरानी होगी, की, आपके मोबाइल फोन में अपोलो 11 यान के चंद्रमा लोडिंग के समय यूज किए गए कंप्यूटर की तुलना से भी अधिक कंप्यूटिंग शक्ति है । Apollo- 11 यान का चंद्रमा लोडिंग के समय बनाया गया ओरिजिनल टेप मिट गया था। एवं इसे गलती से दोबारा इस्तेमाल कर लिया गया था। चांद पर करीब 1,81,400 किलो का मानव निर्मित मलवा पड़ा हुआ है जिसमें 70 से अधिक अंतरिक्ष यान और दुर्घटनाग्रस्त कृत्रिम उपग्रह भी शामिल है।

चंद्रमा गोल नहीं है, बल्कि यह अंडे के आकार जैसा है। इसके अलावा भी पृथ्वी पर अगर चंद्र ग्रहण लगा हो तो चांद पर सूर्य ग्रहण होता हैचांद चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण शक्ति कम होने के कारण इसका वायुमंडल नहीं है। वायुमंडल ना होने की वजह से शोर बायो और उल्कापिंड के आने का खतरा भी लगातार बना रहता हैचांद

5 Sentences About Moon in Hindi

1) चंद्रमा पर वातावरण नहीं है, इसलिए चंद्रमा पर कोई आवाज सुनाई नहीं देती।

2) चंद्रमा पर आसमान हमेशा ही काला दिखाई देता है।

3) अब तक 12 वैज्ञानिक चांद पर जा चुके हैं।

4) चंद्रमा पर छोटे-छोटे भूकंप भी आते रहते हैं।

5) चंद्रमा धरती का एकलौता प्राकृतिक उपग्रह है।

6) चांद पर पहुंचने वाले सबसे पहले वैज्ञानिक नील आर्म्सट्रांग (1969) मैं , और Gene cernan ( 1972 ) सबसे आखरी वैज्ञानिक है।

7) सूर्य मंडल में बहुत सारे चंद्रमा मौजूद है और हमारा चंद्रमा पांचवा सबसे बड़ा चंद्रमा है।

8) पृथ्वी का वजन चांद से 80 गुना ज्यादा है।

9) चांद 27 दिन, 7 घंटे, 43 मिनट, 11.6 सेकंड में पृथ्वी का एक चक्कर पूरा करता है ।

10) नासा चंद्रमा पर एक परमानेंट स्पेस स्टेशन बनाना चाहता है, इसलिए 2019 में फिर से वैज्ञानिकों को चांद पर भेजने का सिद्धांत लिया गया था।

11) चंद्रमा की दूरी धरती से 384403 किलोमीटर तक की है।

12) पृथ्वी पर होने वाले ज्वार भाटा चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण शक्ति की वजह से ही होता हैं।

13 ) जब धरती सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है तब चंद्र ग्रहण होता है।

14) हमारा चंद्रमा 4.5 Billion ( सारे चार अरब ) साल पुराना है।

15) राकेट से चंद्रमा तक जाने में 13 घंटे लगते हैं, इतनी दूरी पर कार से जाने में करीब 130 दिन लग जाएगा।

16) पिछले 41 सालों में चंद्रमा पर कोई व्यक्ति नहीं गया है।

17) चंद्रमा पर झंडे गाड़े जा चुके हैं, जिसमें से पांच अभी भी गड़े हुए हैं।

18) अमेरिका ने एक बार चंद्रमा पर परमाणु बम गिराने के लिए सोचा था, ताकि वह दुनिया को अपनी पावर दिखा सके।

19) अगर चंद्रमा नहीं होता तो धरती पर दिन केवल 6 घंटे का ही होता।

20) चंद्रमा की मिट्टी मैं से बारूद जैसी गंध आती रहती है।

तो दोस्तों चंद्रमा से जुड़ी यह रोचक जानकारियां आपको कैसी लगी। About Moon in Hindi यह जानकारी हमने आपके लिए कई जगह से रिसर्च करके इकट्ठे किए हैं। आशा करते हैं कि आपको हमारे द्वारा लिखा गया इस ( About Moon in Hindi ) जानकारियों को पढ़कर अच्छा लगा होगा। इसे पढ़ने के लिए आप सभी को हमारे तरफ से – धन्यवाद।

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