Essay on Dog in Hindi – कुत्ता पर निबंध

कुत्ता एक पालतू जानवर है। यह सारी जिंदगी मनुष्य के साथ वफादारी से निभाता है। इसकी चार टांगे होती है। इसके दांत बड़े हैं नुकीले होते हैं। और इसके सुनने की क्षमता बहुत ज्यादा होती है, यह दूर से भी हल्की सी आहट को सुन लेते हैं। इनकी चमकदार आंखें होती है , एवं इसकी दांत बहुत नुकीले होने के कारण इन्हीं दांतो से किसी भी चीज को आसानी से चीर फाड़ कर सकते हैं। तो चलिए कुत्ते के बारे में अब हम विस्तार से जान लेते हैं।

About Dog in Hindi ( Essay on Dog in Hindi in 100 Words )

कुत्ता एक पालतू जानवर होता है। कुत्ते को स्तनधारियों की श्रेणी में रखा गया है, क्यों कि यह बच्चों को जन्म देता है और अन्य स्तनधारियों की तरह ही अपना स्तन पान कराते हैं।

कुत्ते की वैज्ञानिक नाम के नीसलुपस फैमिलिरीस है। मूल रूप से कुत्ते भेड़ियों की प्रजाति से ही उत्पन्न हुई है। कुत्तों की डीएनए 99 प्रतिशत उनसे मिलती है। ऐसा माना जाता है कि मानव द्वारा ही कुत्तों को सबसे पहले पालतू जानवर बनाया गया था। कुत्तों की बहुत सी नस्ल होती है। जीने मनुष्य द्वारा पालतू पशु के रूप में प्रयोग किया जाता है। इनका स्वभाव बहुत ही मददगार होता है और इसे मनुष्य का सबसे अच्छा मित्र भी माना जाता है।

यह मानव के लिए बहुत साल पहले ही वफादार साबित हो चुके हैं ! यह मनुष्य के बोलने की तरीके को और स्वाभाव को अच्छी तरह से समझते हैं। कुत्ते बिस्कुट, मांस, सब्जियां, दूध, और अन्य तैयारी भोजन जो विशेष रूप से कुत्तों के लिए तैयार किया जाता है, वह सब खा सकते हैं। य बहुत अच्छे से अपने कर्तव्यों का पालन करते हैं, इसी कारण से ही कुत्तों को फायर डॉग, पुलिस डॉग, सहायक डॉग, सेना के कुत्ते, शिकारी कुत्ते, दूत कुत्ते, बचाव कुत्ते, चरवाहा कुत्ते, आदि के रूप में इस्तेमाल किए जाते हैं।

Essay on Dog in Hindi

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Information About Dog in Hindi ( Essay on Dog in Hindi in 300 Words )

अन्य पालतू पशुओं की भांति कुत्ता भी एक पालतू पशु है। कुत्तों को बढ़ा स्वामी भक्त भी माना जाता है। यह बहुत उपयोगी जानवर है ! कुत्ते की अनेक प्रजातियां पाई जाती है। कुछ कुत्ते बहुत समझदार होते हैं, कुत्ते की सुनने की शक्ति बड़ी ही तीव्र होती है। इसीलिए पुलिस अपराधियों को पकड़ने में कुत्तों की सहायता लेती है। कुत्ता एक चौपाया पशु है। इसकी दो आंखें, दो कान और एक पूंछ होता है। कुत्ते कई रंग के होते हैं। इसका आकार भी भिन्न-भिन्न होता है। कुछ तो खरगोश जैसे छोटे-छोटे और कुछ बकरी जैसी बड़ी बड़ी होती है।

रईस लोग तो घर की रखवाली के लिए कुत्तों को पालते हैं। दरवाजे की घंटी बजते ही कुत्ता सावधान हो जाता है और अजनबी आदमी को देखकर भोकने लगता है। रात में किसी चोर की आहट पाकर भोंकते ही पड़ोसी सब सावधान हो जाते हैं एवं इस वजह से चोर भागने पर मजबूर हो जाता है। या तो कभी कभी चोरों को पकड़ लिया भी जाता है।

Essay on Dog in Hindi

घर के पालतू कुत्तों की तो उनके मालिक देखभाल रखते हैं, उन्हें जंजीरों में बांधकर रखा जाता है। समय पर उन्हें नहलाते है और खिलाते हैं। वहीं दूसरी ओर देखा जाए तो गलियों में आवारा घूमने वाले कुत्तों की एक बड़ी संख्या पाया जाता है। यह कुत्ते आहार की तलाश में दर-दर भटकते है। उन्हें कहीं टुकड़ा दिया जाता है तो कहीं से मार कर भगा दिया जाता है।

यह कुत्ते सर्दी गर्मी और बरसात में मारे- मारे फिरते हैं। कभी कभी कॉमेटी वाले ऐसे कुत्तों को पकड़ कर ले जाते हैं। कुत्ता यद्यपि बड़ा ही लाभदायक जानवर होते हैं। पर पागल होने पर बड़ा ही खतरनाक बन जाते हैं। उसके काटने पर इंजेक्शन लगवाना अनिवार्य हो जाता है। ऐसा माना जाता है कि इंजेक्शन नहीं लगाने पर व्यक्ति को पागल होने की आशंका भी बनी रहती है।

घुमंतू जाति के लोग सदैव अपने साथ कुत्ते रखते हैं। उनमें शिकारी कुत्ते भी होते हैं। इनके मालिक छोटे छोटे जंगली जानवरों को शिकार करने में इन्हीं कुत्तों का प्रयोग करते हैं। कुत्तों की स्वामी भक्ति का अनेक कथाएं हमने पुस्तकों में भी पढ़ने को मिलती है। महाराज युधिष्ठिर को स्वर्ग तक ले जाने वाला एक कुत्ता ही था। हमें पालतू कुत्तों की अच्छी प्रकार से देखभाल करनी चाहिए। साथ ही अपरिचित कुत्तों से अपनी रक्षा करनी भी जरूरी है। उसके भोंकते ही हमें सावधान हो जाना चाहिए और अपना बचाव करना चाहिए।

Essay on Dog in Hindi in 500 Words

कुत्ता एक प्रसिद्ध घरेलू जानवर है। यह व्यक्ति को प्यार और इमानदारी से हमेशा साथ देती है। य अपने मालिक को बहुत अधिक प्यार करता है और उसको सम्मान देता है एवं उसके साथ सभी जगह जा भी सकता है। यह पूरे विश्व भर में पाय जाते हैं। एवं इसे मुख्य पालतू जानवर के रूप में भी माना जाता है, इसी कारण इसको घरों में पालतू जानवर की तरह ही रखा जाता है। कुत्ते जंगली भी हो सकते हैं और ऐसे कुत्तों को अफ्रीका, एशिया, और ऑस्ट्रेलिया के जंगलों में पाए जाते हैं।

कुछ कुत्ते जो पालतू नहीं है और गली में इधर-उधर घूमते रहते हैं, उन्हें गली के कुत्ते कहां जाता है। जंगली कुत्ते भारत में बहुत ही कम पाए जाते हैं। जैसे- हिमाचल प्रदेश, असम, उड़ीसा आदि स्थानों पर जंगली कुत्ते लोमड़ी और भेड़ियों की तरह देखा जाता है। कुत्ता रहने वाला स्थान को केनल कहा जाता है। इसके बच्चे को पप्पी, पाप, यह पिल्ला कहा जाता है। कुत्ते रंगो, आकारों, वजन, और आदतों में भिन्न-भिन्न प्रकार के होते हैं। जो उनके प्रकार पर निर्भर करता है। पालतू कुत्ता सर्वाहारी भी हो सकता है।

कुछ कुत्ते ग्रीनलैंड, साइबेरिया जैसी ठंडे प्रदेशों में भी पाए जाते हैं। एक मादा कुत्ता एक समय में 3-6 पिल्लो को जन्म दे सकता है। माता कुत्ता पिल्लों को दूध पिलाती है और आत्मनिर्भर होने तक उनका ध्यान रखती है। एक कुत्ते की जीवन अवधि 12 से 15 साल तक की होती है ! हालांकि कुत्ता दिन में सोता रहता है, लेकिन वह रात के समय सक्रिय रहता है। इसी वजह से इसे रात का जानवर भी कहा जाता है। यह बहुत तरह की आवाजों को निकालता है, जो इनके अलग अलग मूड को दर्शाते हैं ! जैसे कि- उनकी भोकना, गुराना, चीख आदि। यह बहुत तेजी से दौड़ता है। जिसके कारण चोरों और अपराधियों को पकड़ने में पूरी तरह से सक्षम होता है।

कुत्ते को डीजीटी ग्रेड जानवर के रूप में भी कहा जाता है। क्यों कि चलते या दौड़ते समय अपने पैरों के अंगूठे का प्रयोग करता है। मांस खाने के लिए उनके पूरी तरह से विकसित केनाइन दांत होते हैं। उनके सूंघने और सुनने की क्षमता बहुत अच्छी होती है। इसके दृष्टि और समझने की शक्ति बहुत ही तेज होती है। इसी कारण से बुद्धिमान जानवर भी कहा जाता है। इसकी जीभ में मीठी ग्रंथियां पाई जाती है, जिस वजह से वह हाफ ने की प्रक्रिया के द्वारा खुद को ठहरा कर रखने में मददगार साबित होता है।

Essay on Dog in Hindi

कुछ लोग तो पालतू भेड़ पालते हैं एवं उनके पास कुत्ता अवश्य होते हैं, क्योंकि वे भेड़ों के देखभाल करने में बहुत ही उपयोगी साबित हुए हैं। वे किसी भी भेड़िया या लोमड़ी को भेड़ों के पास आकर आक्रमण करने की अनुमति नहीं देते हैं। यह बहुत ही देख रेख करने वाला जानवर होता है। और अजनबी यों, चोरों और अपराधियों को पकड़ सत्ता है, यहां तक कि वह कहीं भी छिपे क्यों ना हो। छिपे हुए चोरों या अपराधियों को खोजने के लिए कुत्ते अपने सूंघने की क्षमता का प्रयोग करता है। इसकी सी देख देख वाले स्वभाव और बुद्धिमत्ता के कारण पुलिस, सेना या अन्य जांचकर्ता विभाग के द्वारा खूनी ओं और अपराधियों को पकड़ने के लिए इसका सबसे अधिक प्रयोग किया जाता है। यह पुलिस वालों को उस स्थान पर ले जाता है जहां खूनी या अपराधी छिपा हुआ होता है।

यह अपने मालिक को कभी भी नहीं छोड़ता, चाहे वह गरीब, भिखारी या अमीर हो। यह बहुत ईमानदारी से अपने मालिक के सभी आदेशों का अनुसरण करता है। यह सभी समय अपने मालिक की सेवा में सतर्क बना रहता है , चाहे वह दिन हो या रात। इसी कारण इसे वफादार जानवर भी कहा जाता है। कुत्ता अपनी भावनाओं को व्यक्त करने के लिए अक्सर अपने पूछ को हिलाता रहता है। इंसानों की तुलना में कुत्तों का शरीर अधिक गर्म होता है। फिर भी इनके शरीर से पसीना नहीं निकलता है, यह सिर्फ उसके नाक और पंजों से ही पसीना को बाहर निकालता है।

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