Science and Technology Essay in Hindi – विज्ञान और प्रौद्योगिकी पर निबंध

आज हम आपके लिए लाए हैं विज्ञान और तकनीक के ऊपर लिखित निबंध के बारे में इस निबंध से आपको टेक्नोलॉजी के बारे में बहुत कुछ पता चलेगा। क्योंकि आजकल लोग टेक्नोलॉजी के साथ किसी ना किसी तरह से जुड़े हुए होते हैं। इसी कारण इसके विषय में ज्ञान लेना भी अति आवश्यक विषय है।

Science and Technology in Hindi

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी भारतीय संस्कृति का एक अभिन्न अंग रहा है। प्राचीन समय मैं इसे भौतिक विज्ञान के नाम से जाना जाता था। एवं उच्च शैक्षिक संस्थानों में इसे भौतिक विज्ञान के नाम से ही जाना जाता है। उच्च शैक्षिक संस्थानों में छात्र इसे अत्यंत उत्साह से पढ़ते थे। बीसवीं सदी के प्रारंभ में भारतीय वैज्ञानिकों ने उल्लेखनीय प्रगति की थी। 1947 मैं देश के आजाद होने के पश्चात संस्थाओं की स्थापना की गई थी। ताकि विज्ञान के क्षेत्र में हुई इस सहज एवं रचनात्मक प्रगति को और बढ़ावा मिल सके। इस कार्य में विभिन्न राज्यों ने भी अपना भरपूर सहयोग दिया। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग देश में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

पिछले कुछ वर्षों में विज्ञान के क्षेत्र में यूगान कारी परिवर्तन आए हैं। विश्व में सूचना और प्रौद्योगिकी के क्रांति चल रही है। इसके कारण सूचना आयोग का पदार्पण हो चुका है। अमेरिका और जापान जैसे विकासशील देश पहले ही औद्योगिक समाज से सूचना एवं समाज में परिवर्तन ला चुके हैं। ऐसा तो होना ही था क्योंकि मानव सभ्यता ने पिछले 50 सालों में जितना वैज्ञानिक ज्ञान प्राप्त किया है वह मानव सभ्यता के संपूर्णा इतिहास में 90% बैठता है। इस ज्ञान में सबसे ज्यादा हिस्सा सूचना प्रौद्योगिकी का है। सूचना प्रौद्योगिकी के कारण ही संचार, उपग्रह और कंप्यूटर विज्ञान के क्षेत्र में काफी तेजी से प्रगति हुई है।

आज हमारे देश में विज्ञान और तकनीक का जमाना इतनी तेजी से आ रहा है कि , इनकी वजह से आज कोई भी क्षेत्र नहीं बचा है। हर क्षेत्र में इनका कहीं ना कहीं उपयोग किया जाता है। पहले के जमाने में विज्ञान और तकनीक का उपयोग लगभग ना के बराबर किया जाता था, लेकिन बदलते जमाने में विज्ञान और तकनीक ने ऐसी दुनिया बनाई है जिसक पहले के लोग ज्यादातर इस बात को कल्पना भी नहीं करते होंगे। पहले विज्ञान और तकनीक का उपयोग समाज में, देश में ज्यादा उपयोग नहीं किया जाता था, तब लोगों को अपने दोस्तों या रिश्तेदारों से वार्तालाप करने के लिए पत्र लिखना पढ़ता था। लोगों को सूचनाएं पहुंचाने के लिए कबूतरों का सहारा लेना पढ़ता था। लेकिन बदलते जमाने में उनकी जगह मोबाइल फोन ने ले ली है। आज इसी तरह बदलते जमाने में सब कुछ बदल रहा है। कृषि के क्षेत्र में भी हम देखे तो हरित क्रांति ने अपने देश में अनाज की समस्या को खत्म करने के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हरित क्रांति वैज्ञानिकों की ही देन है। इस वजह से किसान भाइयों को काफी मदद मीली है।

Science and Technology Essay in Hindi

Speech on Beti Bachao Beti Padhao in Hindi | Essay on Demonetisation in Hindi | Essay on Summer Vacation in Hindi

Science and Technology Essay in Hindi

आज हम देखें तो हमारा पूरा देश कृषि पर ही निर्भर है, इस क्षेत्र में उन्नत तथ्य का उपयोग करके विज्ञान ने हमें विकास की राह पर आगे बढ़ाया है। विज्ञान और तकनीकी ने आज हमें कई तरह के क्षेत्रों में जैसे मनोरंजन के क्षेत्र में , दूरसंचार के क्षेत्र में, टेलीविजन, मोबाइल फोन आदि के क्षेत्रों में भी विकास करके हमारा विकास क्या है। अगर हम परमाणु ऊर्जा की बात करें तो वह वैज्ञानिकों के द्वारा ही हमें परमाणु ऊर्जा की प्राप्त हुई है , परमाणु ऊर्जा का निर्माण हमारे देश के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण साबित हुआ है। कई तरह की मिसाइलों का निर्माण वैज्ञानिकों ने किया है। यह हमारे देश के लिए एवं हमारे देश की सुरक्षा के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है ! इसके अलावा भी चिकित्सा के क्षेत्र मैं भी विज्ञान ने अपने कदम बढ़ाए हैं। विज्ञान और टेक्नोलॉजी ने चिकित्सा के क्षेत्र में ऐसे कदम बढ़ाए हैं जो आज हर कोई उनकी तारीफ करता है।

21वी सदी में विज्ञान के कई रूप भी मिले हैं। आज हम विज्ञान की देन इस इंटरनेट के जरिए कुछ भी कर सकते हैं, हम तुरंत पूरी दुनिया की खबर पा सकते हैं और घर बैठे पैसा भी कमा सकते हैं। तरह-तरह के ऑनलाइन फार्म भर सकते हैं, किसी को भी पैसे भेज सकते हैं, कहने का तात्पर्य यह है की विज्ञान तकनीक के द्वारा दिया हुआ इंटरनेट आज पूरी दुनिया में छा रहा है। आज हम अपने जीवन को एक बहुत ही बेहतरीन ढंग से जी सकते हैं ! इसकी वजह है आधुनिक टेक्नोलॉजी, जो हमें विज्ञान से ही मिली है। विज्ञान और तकनीक आने वाले भविष्य में हमें और भी कई तरह के लाभों से लाभान्वित करेगी। बस हम उसका दुरुपयोग ना करें ! क्योंकि इसे हद से ज्यादा प्रयोग होने पर लोगों को प्रभावित कर देगा , जिस कारण उसे काफी समस्याओं का भी सामना करना पड़ेगा। जैसे लोग इससे दोष प्रभावित होकर अपने समय को और जीवन को भी बर्बाद कर सकते हैं। इसलिए हमें विज्ञान और तकनीकी का उपयोग सीमित सीमा में रहकर ही करना चाहिए। हद से ज्यादा इसका उपयोग हमारे जीवन में बहुत ज्यादा प्रभावित कर सकता है। वास्तव में देखा जाए तो विज्ञान और टेक्नोलॉजी हमारे भविष्य को उज्जवल बनाने के लिए देश के महान वैज्ञानिकों ने हमें यह दान के स्वरूप मैं दिए है।

Science and Technology Essay in Hindi ( Advantages of Science in Hindi)

वैज्ञानिकों द्वारा बनाया गया कंप्यूटर और इंटरनेट के इस दौरान में सूचना तकनीक सफलता की पर्यायवाची बन चुकी है। दूरसंचार, टेलीविजन, बैंकिंग व्यवसाय उद्योग, विज्ञान अनुसंधान व मनोरंजन के क्षेत्र में इसका प्रभुत्व कायम हो चुका है।

कंप्यूटर की बात करें तो, यह आरंभ में गणित की जटिल घने करने के लिए कंप्यूटर का विकास किया गया था, आधुनिक कंप्यूटर के प्रथम सिद्धांत का अर्थ चार्ल्स बैबेज थे। जिन्होंने एक भव्य कंप्यूटर की योजना तैयार की थी। दूसरे महायुद्ध के दौरान पहली बार बिजली से चलने वाले कंप्यूटर बने । आज कंप्यूटर संचार और नियंत्रण के भी शक्तिशाली साधन बन गए हैं।

आज देश के लगभग सभी लोग कंप्यूटर के जरिए ही कार्य करते है जैसे कि खाते के लेन-देन का हिसाब और बाकी हिसाब को अब कंप्यूटर से ही किया जाता है । कंप्यूटर के जरिए ही दूर के दो देशों के बैंकों के बीच भी लेन-देन का व्यवहार संभव हुआ है। एक कंप्यूटर हजारों किलोमीटर दूर के दूसरे कंप्यूटर से बातचीत कर सकता है। सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए देश के प्रमुख शहरों को कंप्यूटर नेटवर्क के जरिए एक दूसरे से जोड़ने की ओर कई व्यवस्थाएं शुरू कर दी गई है। कंप्यूटर नेटवर्क से अब रेल यात्रा और हवाई यात्रा का आरक्षण भी होने लगा है।

इस प्रकार आज कंप्यूटर हमारे जीवन के हर क्षेत्र में हमारा सहयोग कर रहा है। इसने हमारे जीवन को अत्यंत सुगम बना दिया है।
इसी प्रकार के और भी टेक्नोलॉजी का अविष्कार करके विज्ञान एवं तकनीक ने हमारे जीवन को बहुत ही सहज और सरल बना दिए हैं जिस कारण हम सभी आज आसानी से सब कुछ कर सकते हैं।

हम आशा करते हैं कि आपको हमारे द्वारा लिखे गए यह निबंध पसंद आया होगा। और इससे थोड़ी बहुत जानकारी भी प्राप्त हुई होगी।

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Speech on Beti Bachao Beti Padhao in Hindi – बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर निबंध

Speech on Beti Bachao Beti Padhao in Hindi

आज हम बात करने वाले हैं बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ, विषय के बारे में। इस निबंध के द्वारा हम जान पाएंगे कि – भारत में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ जैसी योजना की जरूरत क्यों पड़ी। और इन योजनाओं का उद्देश्य क्या है। यह योजनाएं कितनी सफल रही इसके बारे में भी बात करेंगे। तो आइए अब हम बात करते हैं बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ योजना पर।

Beti Bachao Beti Padhao in Hindi

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय और परिवार कल्याण मंत्रालय , एवं मानव संसाधन विकास की एक संयुक्त पहल है। इस योजना का उद्घाटन माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने 22 जनवरी 2015 को हरियाणा राज्य के पानीपत जिले में किया था। और इसे 100 निम्न लिंगानुपात बाले जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के तहत शुरू किया गया था।

प्रधानमंत्री के द्वारा इस योजना की शुरुआत इसलिए किया गया था , ताकि समाज के लोगों को जागरूक किया जा सके, की लड़कियों की महत्व आखिर क्या है। कन्या भ्रूण हत्या को पूरी तरह समाप्त करने के द्वारा लड़कियों के जीवन को बचाने के लिए आम लोगों के बीच ए जागरूकता बढ़ाने का कार्य करेगी , तथा इसमें एक लड़के की भातें एक लड़की के जन्म होने पर खुशी मनाने एवं उसे पूरी जिम्मेदारी के साथ शिक्षित बनाने के लिए ही कहा गया है।

Speech on Beti Bachao Beti Padhao in Hindi

Essay on Demonetisation in Hindi | Essay on Summer Vacation in Hindi | Essay on Earth in Hindi

Speech on Beti Bachao Beti Padhao in Hindi

हरियाणा के पानीपत में 22 जनवरी 2015 को पी एम नरेंद्र मोदी के द्वारा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के नाम से एक सरकारी योजना की शुरुआत की गई थी। भारतीय समाज में लड़कियों की दुर्दशा को देखते हुए इस कार्यक्रम की शुरुआत की गई थी। आंकड़ों के अनुसार, 1991 में ( 0-6 वर्ष के उम्र के ) हर 1000 लड़कों पर 945 लड़कियां है, जबकि 2001 में लड़कियों की संख्या 927 पर और दोबारा 2011 में इसमें गिरावट होते हुए या 1000 लड़कों पर 918 पर आकर सिमट गई। हम यही संविधान के आंकड़ों में गौर करेंगे तो यह देखने को मिलेगा कि हर दशक में लड़कियों की संख्या लगातार गिरती हुई नजर आएगी। यह धरती पर जीवन की संभावनाओं के लिए भी खतरे का निशान है। अगर जल्दी लड़कियों से जुड़े ऐसे मुद्दे को सुलझाया नहीं गया तो आने वाले दिनों में धरती बिना नारियों की हो जाएगी और फिर कोई नया जन्म नहीं हो पाएगा।

देश की लड़कियों की इतने बुरे आंकड़ों को ध्यान में रखते हुए ही, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना की शुरुआत की थी। यह बेहद प्रभाव कारी योजना है, जिसके तहत लड़कियों की स्वस्थ में सुधार , इनकी सुरक्षा, शिक्षा, कन्या भ्रूण हत्या का उन्मूलन, व्यक्तिगत और पेशेवर विकास आदि का लक्ष्य ही पूरे देश भर में है।

इसे सभी राज्य और केंद्रशासित प्रदेशों में लागू करने के लिए ही एक राष्ट्रीय अभियान के द्वारा देश के 100 चुनिंदा शहरों में इस योजना को लागू किया गया था। इसमें कुछ सकारात्मक पहलू यह है कि, यह योजना लड़कियों के खिलाफ होने वाले अपराध और गलत प्रभाव को हटाने के लिए एक बड़े कदम के रूप में साबित होगा। हम इस बात पर भी आशा कर पाएंगे कि आने वाले दिनों में सामाजिक एवं आर्थिक कारणों की वजह से किसी भी लड़की को गर्भ में ही नहीं मारा जाएगा। अतः पूरे देश में लैंगिक भेदभाव को मिटाने के द्वारा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना का लक्ष्य लड़कियों की आर्थिक और सामाजिक दोनों तरफ से स्वतंत्र बनाने का ही है।

Beti Bachao Beti Padhao Essay in Hindi

आज हमारे 21 वी सदी के भारत में जहां एक और चांद पर जाने की बातें होती है, वहीं दूसरी तरफ भारत की बेटी को अपने घर से बाहर निकलने पर भी कतराती हुई नजर आती है। जिससे हमें एक बात का ही पता लगता है कि आज भी हमारा भारत देश पुरुष प्रधान देश ही होकर रह गया है।

हमारे देश के लोगों की मानसिकता इतनी भ्रष्ट हो चुकी है कि वह महिलाओं और बेटियों का सम्मान नहीं करते। स्वामी विवेकानंद जी ने कहा था कि जिस देश में महिलाओं की सम्मान नहीं होता हो वह देश प्रगति कभी नहीं कर सकती है ! इसी कारण पूरे भारत में लड़कियों को शिक्षित बनाने और उन्हें बचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ नाम से लड़कियों के लिए एक योजना की शुरुआत की। जिसकी शुरुआत हरियाणा राज्य से शुरू हुई थी। लड़कियों की दशा को सुधारने के लिए पूरे देश के 100 जिलों में इस प्रभावशाली तरीके को लागू किया गया था। सबसे कम स्त्री पुरुष अनुपात होने की वजह से हरियाणा के 12 जिलों को चुना गया था, जिसमें ( अंबाला, कुरुक्षेत्र, रेवाड़ी, भिवानी, महेंद्रगढ़, सोनीपत, झज्जर, रोहतक, करनाल, यमुनानगर, पानीपत और कैथल) उल्लेखनीय जिला था।

लड़कियों की दशा को सुधारने और उन्हें महत्व देने के लिए हरियाणा सरकार 14 जनवरी को ‘ बेटी की लोहरी ‘ नाम से एक कार्यक्रम मनाती है। इस योजना का उद्देश्य लड़कियों को सामाजिक और आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाना है, जिससे वह अपने उचित अधिकार और उच्च शिक्षा प्राप्त कर सके। हम यह भी देख सकते हैं कि पिछले कई वर्षों से लड़कियों की संख्या में लगातार गिरावट हो रही है। जिस वजह से देश में समस्याओं की शुरुआत हो सकती है। जैसे मनुष्य जाति की प्रगति धीरे धीरे कम होती जाएगी। अस्पतालों में आधुनिक लक्षण यंत्रों के द्वारा लिंग पता करने के बाद, घर में ही कन्या भ्रूण की हत्या करने की वजह से ही लड़कियों की संख्या में भारी कमी आई है। समाज में लैंगिक भेदभाव की वजह से ही इस बुरी प्रथा अस्तित्व में आ गया है।

Lines on Beti Bachao Beti Padhao in Hindi

1) बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत सामाजिक व्यवस्था में बेटियों के प्रति रूढ़िवादी मानसिकता को बदलना आवश्यक है।

2) बालिकाओं की शिक्षा को आगे बढ़ाना चाहिए।

3) भेदभाव पूर्ण लिंग चुनाव की प्रक्रिया का उन्मूलन कर गांव का अस्तित्व और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।

4) घर घर में बालिकाओं की शिक्षा को सुनिश्चित करना भी जरूरी है।

5) लिंग आधारित भ्रूण हत्या को रोकना भी अनिवार्य है।

Importance of Beti Bachao Beti Padhao

हमारे भारत देश को वैसे तो पौराणिक संस्कृति एवं धर्म-कर्म और स्नेह एवं प्यार का देश माना जाता है। लेकिन जब से भारतीय ने तरक्की करणी चालू की है और नई तकनीकों का विकास किया है। तब से भारतीय लोगों की मानसिकता में बहुत बड़ा बदलाव आया है ! इस बदलाव के कारण जनसंख्या की दृष्टि से बहुत बड़ा उथल पुथल हुआ है।

लोगों की मानसिकता इस कदर खराब हो गई है कि वह बेटे और बेटियों में भेदभाव करने लगे हैं ! बेटियों को एक वस्तु के समान मानने लगे हैं । ऐसे लोग बेटे के जन्म होने पर खुशियां मनाते हैं, और वही दूसरी तरफ अगर बेटियों का जन्म हो जाए तो पूरे घर में सन्नाटा छा जाती है। जैसे कि कोई आपद आ गई हो। वह बेटी को पराया धन मानते हैं, क्योंकि 1 दिन बेटियों की शादी दे दिया जाएगा इसलिए गिरी हुई मानसिकता वाले लोग सोचते हैं कि बेटियों पर किसी भी प्रकार का खर्च करना बे मतलब है ! इसलिए वे बेटियों को पढ़ने लिखने नहीं देते और ना ही उनका पालन पोषण सही से करते हैं।

इसलिए हमारे देश के माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेटियों की सुरक्षा और बेटियों की शिक्षा दीक्षा के लिए एक नई योजना का प्रारंभ किया जिसका नाम बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ रखा गया था।

आइए जानते हैं कि कौन से कारण है जिसके वजह से आज हमारे देश की बेटियों की हालत गंभीर रूप से बहुत ही दयनीय हो गई है ।

1) लैंगिक भेदभाव
2) कन्या भ्रूण हत्या
3) शिक्षा की कमी
4) भ्रष्ट मानसिकता
5) दहेज प्रथा

आदि ही बेटियों की दुर्दशा का मुख्य कारण है। इसीलिए भारत सरकार ने लड़कियों की सुरक्षा के लिए सख्त कानूनों का निर्माण करना चाहिए जिससे की किसी की हिम्मत ना हो लड़कियों से शोषण करने की और उन से भेदभाव करने की।

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Essay on Demonetisation in Hindi – नोटबंदी पर निबंध

Essay on Demonetisation in Hindi

विमुद्रीकरण अर्थात नोट बंदी का अर्थ है , किसी भी देश में सरकार द्वारा बड़े मूल्य के नोटों को बंद करना , जोकि प्रतिबंध लगने से किसी भी काम के नहीं रहते। और ना तो उनसे कोई आदान-प्रदान किया जा सकता है। ना तो कोई भी सामान खरीदा जा सकता है।

भारत में मोदी सरकार द्वारा 8 नवंबर को , 2016 में 500 और 1000 के नोटों पर प्रतिबंध लगाया गया था। यह खबर कुछ ऐसा था जैसे देश में आए किसी अचानक भूकंप के जैसा। नोटबंदी के बाद नागरिकों को एक निर्दिष्ट समय सीमा दी जाती है। जिसके अंतर्गत सभी लोग बैंकों में जाकर बंद हुए नोटों को बदलवा सकते हैं। और इतनी कीमत के ही नए नोटों को ले जा सकते हैं।

Essay on Demonetisation in Hindi

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Essay on Demonetisation in Hindi in 250 words

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर 2016 को विमुद्रीकरण का निर्णय लिया था। और लोगों को पुरानी 500 और 1000 रुपए के नोट्स का आदान प्रदान करने के लिए 50 दिन देने का फैसला लिया गया था। इस बात पर हर एक व्यक्ति अपनी राय दे रहे थे। यह निर्णय देश के पक्ष में एक बहुत ही मजबूत निर्णय था। इसी प्रकार से हमें हमारा देश की मुद्रा का प्रदर्शन करने की आवश्यकता होती है।

लोकतंत्र में विपक्ष ना केवल सरकारी आलोचना करना बल्कि फैसले की भी प्रशंसा करना है , क्योंकि राजनीति तभी चलती है जब देश अच्छी तरह से चल रहा हो।

लेकिन सब कुछ दो तरह का है , अर्थात बैंक प्रबंधक पुराने नोट्स का आदान प्रदान करके पैसे कमाने का अवसर उपयोग करना है और इसके लिए कुछ दान भी लेना है , इसी विधि के कारण कुछ लोग अपना पैसा सफेद बनाते हैं। एवं देश के आदमी को भी पैसे के लिए लंबी कतार का सामना करना पड़ता है। लेकिन जैसे कि हम सभी जानते हैं कि , हर अच्छे काम में बलिदान की भी जरूरत होती है। इसी कारण हमारे प्रधानमंत्री भी देशवासियों के लिए बहुत ही आभारी है। क्योंकि पूरे देश को ” भारत भ्रष्टाचार मुक्त ” देश बनाने के लिए एक साथ खड़ा कर दिए थे।

समाज और देश के कल्याण के लिए इस तरह के कदमों की हमेशा से ही आवश्यकता होती रहती है। हमें प्रधानमंत्री मोदी की तरह ही एक आदमी की आवश्यकता है। क्योंकि हम सभी को यह पता होना जरूरी है कि एक साहस वाला व्यक्ति ही बहुमत की सृष्टि कर सकते हैं।

विमुद्रीकरण के कारण तरह के प्रभाव हमारे देश में देखे गए थे , जैसे कुछ इस प्रकार की बातें भी हुई थी ।

* यह काले धन को प्रभावित करता है।

* नकली नोटों के रूप में वित पोषण को कम करके आतंकवाद को कम करता है।

* यो सरकारी खजाने में पैसा बढ़ाता है।

कुछ इसी प्रकार के प्रभाव दिखाई दिया गया था विमुद्रीकरण के कारन।

Essay on Demonetisation in Hindi

विमुद्रीकरण एक ऐसा प्रक्रिया है, जिसमें सरकार देश में प्रचलित पुरानी मुद्रा को बंद कर देती है। और उसके बदले में नई मुद्रा को लागू कर देती है। विमुद्रीकरण के अंतर्गत ज्यादातर बड़े नोटों को ही बदला दिया जाता है। इसी तरह से भारत में भी 8 नवंबर 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विमुद्रीकरण की घोषणा की गई थी। जिसके अंतर्गत 500 और 1000 के सभी नोटों को बदल दिया गया था। विमुद्रीकरण को और एक नाम से भी जाना जाता है , और उसे नोटबंदी का नाम दिया गया है। भारत में उस समय बहुत से जाली नोट और काला धन था, जिस वजह से देश की अर्थव्यवस्था कमजोर हो रही थी। विमुद्रीकरण द्वारा ही सरकार ने नकली नोटों को और कालेधन को खत्म करने का प्रयास किया था।

विमुद्रीकरण हमारे भारत देश के लिए कोई नई बात नहीं थी। यह हमारे देश में पहले भी कई बार हो चुका है। हमारे भारत के चौथी प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई ने सबसे पहले भारत में विमुद्रीकरण लागू किया था , जिसमें 1000 और 5000 के नोट बंद कर दिए गए थे। 2016 में हुई विमुद्रीकरण में लोगों को पुराने नोट 31 दिसंबर 2016 तक बदलने की अनुमति दी गई थी। उसके बाद नोट सिर्फ आरबीआई मे ही बदला जा सकता था। एक व्यक्ति एक बार में सिर्फ 2000 ही बदलवा सकता था।

नोटबंदी के दौरान पूरे भारत में पैसों की कमी हो गई थी। जितने भी लेनदेन होती थी सब ऑनलाइन हो गया था। विमुद्रीकरण के दौरान लोगों को बहुत सारी परेशानियों का भी सामना करना पड़ा था। स्थाई मुद्रा ना होने के कारण लोगों की शादी भी धूमधाम से नहीं हो पा रही थी। शादी का कार्ड दिखाने पर बैंक से उन्हें एक लाख रुपए मिल जाते थे। नोटबंदी के कारण ही सरकार को सभी लोगों की धन के बारे में जानकारियां प्राप्त हुई थी। जिस व्यक्ति के पास आए से ज्यादा पैसा था उसे काला धन कहा गया था ! इसी कारण से वह लोग बैंक से नोट बदलवाने का साहस नहीं जुटा पा रहे थे। या फिर आयकर विभाग की चपेट में भी आ रहे थे। इसी तरह से नोटबंदी के कारण काला धन का काफी हद तक समाप्त हो गया था। एकत्रित हुआ काला धन ही आतंकवाद को बढ़ावा देता है, इस कारण काले धन की समाप्ति के साथ साथ ही आतंकवाद की भी समाप्ति हो जाती है।

Essay on Notebandi in Hindi

विमुद्रीकरण से देश को आर्थिक मजबूती प्रधान हुई है और देश की अर्थव्यवस्था में सुधार भी हुआ है। साथ ही विमुद्रीकरण की वजह से लोगों के काम में भी बहुत ही मंदी आई है। खासतौर पर सबसे ज्यादा नुकसान तो पर्यटन स्थलों की हुई थी। क्योंकि उस समय स्थाई मुद्रा का अभाव होने के कारण विदेशों से आने वाले लोगों ने भारत भ्रमण का प्लेन कुछ दिनों के लिए स्थगित कर दिया था।

विमुद्रीकरण में 500 और 1000 के नोटों को बदल कर 500 के नए नोट और 2000 के नोट शुरू कर दिए गए थे। दो हजार के नोटों का रंग गुलाबी रंग के कर दिया गया था। देखने में यह नए नोटों को खेलने के नोट जैसे लगते है। विमुद्रीकरण की वजह से सरकारी कोष में बहुत सारे धन एकत्रित हो गया था , जिस कारण इसे जन कल्याण के लिए प्रयोग किया जाता है।

कोष में पैसा आने से बैंकों में भी पैसा बड़ा था और ब्याज के दर में भी गिरावट आई थी। काले धन के जुर्म में फसने के चक्कर में आयकर में छूट मिलने के कारण लोग नियम से आयकर भी देने लगे , जिस वजह से आयकर में भी वृद्धि हुई। विमुद्रीकरण ने लोगों को थोड़े दिन की परेशानी जरूर दी थी लेकिन इससे बहुत ज्यादा लाभ भी हुआ था। विमुद्रीकरण की योजना उतनी सफल नहीं रही जितनी होनी चाहिए थी। लेकिन फिर भी काफी हद तक इससे बहुत ज्यादा फायदा भी हुआ था। देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कुछ सालों बाद विमुद्रीकरण अवश्य करना चाहिए। ऐसा करने से देश का काला धन खत्म हो जाएगा। और साथ ही साथ आतंकवाद से जुरी समस्याएं भी खत्म हो जाएगी ! हम सभी को विमुद्रीकरण की इस प्रक्रिया का सम्मान करना चाहिए। और इसे सफल करने हेतु लोगों की सहयोग का आवश्यक बहुत ही जरूरी है।

Advantage and Disadvantage of Demonetisation in Hindi

Advantage Demonetisation in Hindi : सरकार द्वारा किए गए इस फैसले ने देश को कमजोर कर रहे सभी कारणों पर करारा प्रहार किया है ! नोटबंदी के समय लोगों को थोड़ी बहुत परेशानी का सामना करना पड़ा लेकिन इससे लाभ भी बहुत हुई है।

1) काले धन पर प्रहार : – जब लोग बैंकों में पैसा बदलवाने गए तब उनके हर एक पैसे की जानकारी सरकार के पास चली गई ! जिसके पास आए से ज्यादा पैसा मिला उनसे आयकर विभाग वालों ने जांच पड़ताल करके, बहुत सारे लोगों से काला धन का उद्धार किया गया था।

2 ) आतंकवाद में कमी : – काला धन के भजन से ही आतंकवाद, हिंसा को बढ़ावा देता है ! काला धन कम होने की वजह से आतंकवाद में भी कमी होती है।

3) व्याज दर कम : – बैंकों में नगद होने की वजह से ब्याज दरों में भी गिरावट हुई है।

Disadvantages of Demonetisation in Hindi: – नोट बंदी से ज्यादा फायदे हुए तो दूसरी तरफ इसकी वजह से नुकसान भी हुई थी। लेकिन नुकसान सिर्फ कुछ दिनों के लिए ही हुई थी। नोट बंदी से हुए नुकसान कुछ इस तरीके का हुआ था।

1) लोगों को अपने नोट बदलवाने के लिए सुबह से शाम तक बैंकों के बाहर लाइन में खड़ा होना पड़ा। जिससे उनके काम धंधे पर बहुत नुकसान हुआ था।

2) स्थानीय पैसा ना होने की वजह से सबसे ज्यादा नुकसान पर्यटन स्थलों को हुआ ! बहुत से लोगों ने अपने भारत घूमने का फैसला रद कर दिया था ! इस कारण काम में बहुत नुकसान हुई थी।

3) लोग शादिया भी इतनी धूमधाम से नहीं कर पाई जैसा उन्होंने सोचा था।

विमुद्रीकरण के कारण इसी प्रकार के प्रभाव हमारे भारत देश में परिलक्षित होता हुआ हमने देखे थे। जो थोड़ी बहुत बातें हम आपको इस निबंध में बताए हैं। हम आशा करते हैं कि आपको इस निबंध को पढ़कर जरूर पसंद करेंगे।

हम आशा करते हैं कि हमारे द्वारा लिखा गया यह निबंध ( Essay on Demonetisation in Hindi )आपको पसंद आया होगा। अगर आपको Essay on Demonetisation in Hindi लेख पसंद आया हो तो अपने दोस्तों एवं परिवार के साथ शेयर जरूर करें।

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Essay on Summer Vacation in Hindi – ग्रीष्मकालीन अवकाश पर निबंध

Essay on Summer Vacation in Hindi

ग्रीष्मकालीन अवकाश वह समय है जब गर्मियों के महीने में उच्च तापमान के कारण स्कूल व अन्य शिक्षा संस्थान बंद रहता है। बच्चों को बहुत सारा आनंद भी मिलता है, क्योंकि उन्हें डेढ़ महीने की छुट्टियां जो मिलती है।

बच्चे तैराकी, नाचना गाना आदि जैसी विभिन्न गतिविधियों में जाकर अपनी छुट्टियां बिताते हैं, जोकि समय की कमी के कारण वह अपने स्कूल के समय में नहीं कर सकते हैं।

Essay on Summer Holidays in Hindi

ग्रीष्मकालीन शिविर स्कूलों में आयोजित किया जाता है और बच्चे इन शिविरों में शामिल होकर कई चीजें सीख सकते हैं।

छात्रों को पाठ्यक्रम को छोड़ कर अन्य विषयों पर बेहतर बनाने के लिए बहुत समय मिल जाता हैं। वे अपने परिवार के साथ काफी समय बिता सकते हैं, कुछ तो घूमने के लिए जाते हैं और कुछ अपने प्रिय दोस्तों एवं रिश्तेदारों के साथ अच्छा समय बिताते हैं।

ग्रीष्मकालीन अवकाश वह है जो हर छात्र चाहता है। यह उन्हें हर वक्त के दिनचर्चा  से बाहर निकलने और कुछ दिलचस्प काम करने में मदद करता है। जब छात्र छुट्टी के बाद स्कूल लौटते हैं तो वह ऊर्जावान और आगे पढ़ने के लिए आराम से तैयार होते हैं।

Essay on Summer Vacation in Hindi

Essay on Earth in Hindi | Essay on Mobile Phone in Hindi | Essay on GST in Hindi

Hindi Essay on Summer Vacation for Class 4

अवकाश यानी कि छुट्टी। एक ऐसी शो है जो सभी को कभी मांगने पर तो कभी बिना मांगे भी मिल सकती है। लेकिन गर्मी की छुट्टियां तो गर्मी की वह अवकाश होती है जिसके दौरान स्कूल बंद हो जाती है। जैसे कि हम सभी को पता ही है गर्मी की छुट्टियां गर्मी से भरे हुए होती है। जो लंबे समय के वेस्ट कार्य क्रम के बाद आराम करने के लिए उत्सुकता से इस दिन की प्रतीक्षा करते रहते हैं सभी। छात्र  बहुत ही खुश हो जाते हैं। क्योंकि उन्हें अगले ढाई महीने तक स्कूल जाने की आवश्यकता नहीं होती है।

ग्रीष्मा कालीन छुट्टियां छात्रों के जीवन में कई सारे नए चीजों को सिखाते है एवं अपने कौशल को बढ़ाने का अवसर प्रदान करती है। वे सभी अपने घर से बाहर निकल कर घूमने जाते हैं। अपने दादा दादी या नाना-नानी और अपने पुराने बचपन के दोस्तों से भी मिल पता है। इसके अलावा भी पहाड़ी स्टेशनों पर घूमने के लिए जाते हैं, विदेश में भी जाते हैं। जिस कारण से बच्चों में कौशल और ज्ञान बढ़ाने के लिए अपने इच्छुक क्षेत्र में प्रशिक्षण पाने के लिए प्रवेश लेते हैं।

आमतौर पर हम देख सकते हैं कि लड़को कि अगर बात की जाए तो वह अपने दोस्तों के साथ निकटतम खेल के मैदान में क्रिकेट खेलना ही पसंद करता है। दूसरी ओर देखा जाए तो गर्मी की छुट्टियों पर लड़कियां फुटबॉल, बैडमिंटन, बास्केटबॉल आदि खेलना पसंद करती है। वैसे देखा जाए तो माता-पिता भी पहले से ही गर्मी की छुट्टियों की योजना बना कर रखती है। ताकि वे अपने बच्चों के साथ थोड़े दिनों के लिए ही सही, पर अच्छा समय व्यतीत कर सके। इसी कारण बच्चे इस दिन का बेसब्री से इंतजार करता रहता है।

Essay on Summer Vacation in Hindi for Class 7

जैसे कि हम सभी को पता ही है, ग्रीष्म ऋतु साल का सबसे गर्म होने वाला मौसम होता है। जो पूरे दिन भर में बाहर जाने के लिए लगभग असंभव बना देता है। इसलिए लोग आमतौर पर बाजार में देर शाम को या फिर रात में ही जाता है। बहुत से लोग तो गर्मियों में सुबह सुबह इसके ठंडे प्रभाव को उपभोग करने के लिए टहलने में भी जाते हैं और इस का आनंद भी लेते हैं। धूल से भरी हुई शुष्क हवा, और गर्मी हवा तो पूरे दिन भर चलती रहती है। कभी-कभी लोगों में अधिक गर्मी के कारण हाई स्ट्रोक, डिहाईड्रेशन यानी पानी की कमी, डायरिया, और अन्य शास्त्र संबंधियों परेशानियों होते हुए हम देख सकते हैं।

( यहां कुछ विषयों का उल्लेख किया गया है, जिसको हमें गर्मियों के दौरान पालन करना चाहिए )

(1) हमें आरामदायक कपास की कपड़े पहनना चाहिए, जिस वजह से गर्मी का महसूस कम होता है।

(2) हमें गर्मी की ऊष्मा से बचने के लिए भी ठंडे पदार्थ खाना एवं पीना चाहिए।

(3) हमें गर्मियों की छुट्टियों के दौरान गर्मियों का सामना करने के लिए पहाड़ी क्षेत्र में जाना चाहिए।

(4) हमें शरीर में पानी की कमी से, और लू लगने से बचने के लिए बहुत सारा पानी पीना चाहिए।

(5) हमें दिन के दौरान हानिकारक पराबैगनी किरणों से बचाव के लिए विशेष रूप से सुबह 10:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक बाहर नहीं जाना चाहिए।

(6) हमें अपने आसपास के क्षेत्र में अधिक से अधिक पेड़ पौधे लगाने चाहिए, और गर्मी को कम करने के लिए उन्हें नियमित रूप से पानी भी देना चाहिए।

Few Lines on Summer Vacation in Hindi

(1) पृथ्वी जब अपने घूर्णन काल के दौरान सूर्य की और झुकती है, तो गर्मी का मौसम आ जाता है, ( अर्थात गोलार्ध के सूर्य की और झुकने पर गर्मी और गोलार्ध के सूर्य से दूर होने पर सर्दी आती है)।

(2) लेकिन गर्मियों में बच्चे खुश हो जाते हैं क्योंकि उन्हें स्कूल से छुट्टियां जो मिल जाती है।

(3) यो वह मौसम है, जिसमें ज्यादातर लोग अपने घर से दूर पहाड़िया ठंडे क्षेत्र में घूमने के लिए चले जाते हैं।

(4) यह साल के सबसे लंबे और गर्मी वाला मौसम हो जाता है।

(5) हमें पसंदीदा फल और फसल भी मिलते हैं इन्हीं गर्मियों के मौसम में।

About Summer Vacation in Hindi

यह बहुत अधिक तापमान और शुष्क मौसम होने के कारण ही इसको ग्रीष्म ऋतु कहां जाता है। इसलिए इस मौसम में उच्च तापमान के कारण अधिक गर्म पैदा होता है। जिस कारण कुछ क्षेत्रों में पानी की भी कमी हो जाती है। जिस वजह से सूखे का कारण बनता है। गर्म हवाएं और तापमान में भी वृद्धि हो जाती है। इस वजह से ही इस ऋतु मैं बहुत अधिक गर्मी पैदा हो जाती है ! जो मनुष्य और जंगली जानवरों दोनों के लिए बहुत अधिक परेशानी का निर्माण करता है।

उच्च उसमें तरंगे भी ग्रीष्मा ऋतु में गर्मी की चरम सीमा का कारण बन जाता है। राष्ट्रीय जलवायु केंद्र द्वारा दर्ज किया गया आंकड़ों के अनुसार य दर्ज किया गया है कि, साल 2014 में सबसे अधिक गर्मी हुई थी। नासा के अनुसार गर्मी के मौसम में साल दर साल ग्लोबल वार्मिंग भी धीरे-धीरे बरती जा रही है और यह बढ़ता हुआ तापमान को देख कर यह लगता है कि शीघ्र ही इस संसार में सभी स्थान गर्मी के स्थान जैसा ही बन जाएगा।

अंततः हम यह बताना चाहते हैं कि, हम सभी मनुष्य भगवान के द्वारा निर्मित सबसे बुद्धिमान प्राणी में से एक है। इसलिए हमें हमेशा बढ़ते हुए तापमान पर सोचने के साथ ही सकारात्मक रूप से कार्य करना चाहिए। अगर हमें गर्मी का आनंद लेना है तो पर्यावरण को सुरक्षित रखना भी हमारा ही कर्तव्य है। ताकि हम पूरी तरह से गर्मी के मौसम को उपभोग कर सके। इसलिए हमें हमारे पर्यावरण को बचाना होगा और यह हम सभी का कर्तव्य भी है। और इसे ठीक रखने हेतु हम सभी को मिलकर ही इसके लिए प्रयास करना चाहिए।

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( धन्यवाद )

Essay on Earth in Hindi Language – पृथ्वी बचाओ पर निबंध

Essay on Earth in Hindi

आज हम बात करने वाले हैं पृथ्वी के बारे में। जिसको हम सभी धरती मां के नाम से भी जानते हैं। तो चलिए नीचे इसके विषय में हम आपको कुछ बातें बताते हैं।

Essay on save Earth in Hindi in 200 Words

पृथ्वी यानी धरती मां  जोकि सौर्य मंडल की सबसे सुंदर ग्रह है। जहां तक हम जानते हैं कि, पृथ्वी एकमात्र ऐसे ग्रह है जहां पर जीवन होते हैं। आज से करीब 500 साल पहले की बात की जाए तो, मनुष्य का पृथ्वी के साथ अच्छे संबंध थे। लेकिन जब से इंसानों ने शहर और उद्योगों का विकास किया है , सबसे आधुनिक जीवन शैली में परिवर्तन ला दिया है। मनुष्य सीमा तक प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग कर रहा है। साथ ही साथ उनका दुरुपयोग भी कर रहा है। जैसे कच्चे तेल और कोयले की तलाश में जंगलों को नाश कर रहा है। जिस वजह से जंगली जानवर भी गायब होती नजर आ रही है।

और तो और धीरे-धीरे हमारे पर्यावरण भी पूरी तरह से प्रदूषित होती नजर आ रही है। जिस कारण हम प्रदूषित पानी पीने के लिए मजबूर हो गए। धूल से भरा हवा में भी श्वास लेते हैं, और कीटनाशकों एवं अन्य जलीय रसायनों के साथ भोजन भी खाते हैं। इसलिए हम विभिन्न रोगों से भी पीड़ित होते हैं। मानव गतिविधियों के परिणाम स्वरूप ओजोन परत पर एक छेद होती जा रही है, जिस कारण समुद्र के जल धीरे धीरे बढ़ता जा रहा है। और अंटार्कटिका एवन ग्रीनलैंड के बर्फ भी धीरे-धीरे पिघलने लगे हैं। ग्लोबल वार्मिंग हमें चेतावनी देकर यह कह रही है कि, यह आने वाला विपत्ति का संकेत दे रहा है, इस से साफ पता चलता है कि हमारा धरती अब खतरे में पड़ रहा है।

अतः हमें ही ध्यान रखना होगा कि पृथ्वी हमारी धरोहर है और इसको संभाल कर रखना हम सभी का फर्ज बनता है। यदि हमारी पृथ्वी सुरक्षित रहेगी तभी हम सभी भी सुरक्षित रह पाएंगे और यह भी याद रखना आवश्यक है कि हमारे पृथ्वी पर पाए जाने वाली सभी वस्तुएं सीमित परिमाण में है। जिस कारण इन वस्तुओं को हमें सोच समझ कर ही प्रयोग करना चाहिए।

Essay on Earth in Hindi

Essay on Mobile Phone in Hindi | Essay on GST in Hindi | Essay on Bhartiya Sena in Hindi

Essay on save Earth in Hindi in 500 Words

जैसे कि हम सभी जानते हैं, पृथ्वी हमारी माता है, जो हमें हमारे जीवन के लिए सभी अवश्यकिय वस्तुएं प्रदान करती है। इसलिए, हम इसका प्रकृति गुणवत्ता और हरे-भरे वातावरण को बनाए रखने के लिए भी जिम्मेदार है। हमारी छोटी सी लाभ के हेतु इसकी प्राकृतिक संसाधनों को बर्बाद और प्रदूषित करना नहीं चाहिए।

एक मनुष्य होने के नाते, हमें प्रदूषण और ग्लोबल वार्मिंग को कम करने वाली गतिविधियों में शक्ति से शामिल होना चाहिए। तभी हम पृथ्वी पर रहने वाले जीव जगत को बचाने हेतु सक्षम हो सकते हैं।

* पृथ्वी बचाओ अभियान की आवश्यकता क्यों है? आइए इस बारे में भी जान ले ।

निरंतर बढ़ती हुई तापमान, ध्रुवीय क्षेत्र की बर्फ के पिघलने , सुनामी, बाढ़, और सूखे के बढ़ते हुए खतरों से पृथ्वी को बचाना तत्कालीन अनिवार्य कार्य है। हमारी धरती माता की स्थिति दिन प्रतिदिन गिरती जा रही है। जिस कारण स्वास्थ जीवन बिताने की अवसर कम होती जा रही है।

पृथ्वी में जीवित रहने के लिए अवश्यकीय सभी आधारभूत तत्व के लिए य महत्वपूर्ण स्रोत है। गलत मानवीय गतिविधियों ने पर्यावरण में बहुत से नुकसान का भी जन्म दिया है, जैसे कि – विषाक्त धोएं, रासायनिक कचरे और अत्याधिक शोर को भी जन्म दिया है। जिस कारण हमारे पृथ्वी धीरे धीरे खतरे में पड़ रहा है।

* पृथ्वी को कैसे बचाया जाए, पृथ्वी को बचाने का कुछ प्रभावित तरीके निम्नलिखित है। (10 lines on save earth)

(1) हमें पानी का बर्बाद नहीं करना चाहिए, और केवल अपनी आवश्यकता के अनुसार प्रयोग करना चाहिए, इसके लिए हमें केवल गंदे कपड़ों को ही पानी में धोना चाहिए। इस तरह से हम प्रतिदिन कई गैलन पानी बचा सकते हैं।

(2) लोगों को निजी कारों का ज्यादा इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। जब उसका जरूरत हो तभी व्यवहार करना चाहिए , इसके अलावा सर्वजनिक परी वाहनोंका ही प्रयोग करना चाहिए। इससे ग्रीन हाउस गैसों की भी उत्सर्जन कम होगी।

(3) स्थानीय क्षेत्र में कार्य करने के लिए लोगों को साइकिल का प्रयोग करना चाहिए।

(4) लोगों को 3R तरीकों से अर्थात रीसायकल, रीयूज, और रीडियोस का पालन करना चाहिए।

(5) हम आम बल्ब के स्थान पर LED प्रकाश वाले बल्ब का प्रयोग करनी चाहिए, जिस कारण इसकी अवधि ज्यादा होती है और बिजली का भी बहुत कम प्रयोग करता है। जो बिजली के प्रयोग और ग्रीन हाउस गैसों के स्तरों को कम करने में सहायक बनेगी।

(6) हमें बिना जरूरत के बिजली के हीटर और एयर कंडीशन का अनावश्यक प्रयोग नहीं करना चाहिए।

(7) हमें समय-समय पर अपने निजी वाहनों की मरम्मत करनी चाहिए और प्रदूषण को कम करने के लिए बेहतर तरीके के साथ ही चलाना चाहिए।

(8) हमें बिजली का प्रयोग भी कम करने के लिए लाइट, पंखों और अन्य बिजली के उपकरणों को बंद कर देना चाहिए।

(9) हमें वनीकरण और दुबारा वृक्षारोपण के माध्यम से जंगल को भी बढ़ाना चाहिए।

इसी प्रकार से पृथ्वी को बचाने के लिए अपने अप्राकृतिक जीवन में अधिक से अधिक बड़े बदलावों को लाने की आवश्यकता होनी चाहिए।

Information About Earth in Hindi

सरकार ने पृथ्वी बचाओ, जीवन बचाओ, और पर्यावरण बचाओ के संदर्भ में पृथ्वी पर स्वस्थ जीवन को निरंतर रखने हेतु बहुत से प्रभावित कदमो को भी उठाया है।

पृथ्वी के बिना पूरे ब्रह्मांड में कहीं भी जीवन संभव नहीं है। मानव को प्रकृति संसाधनों का विनाश करने वाला गतिविधियां पृथ्वी के वातावरण को बहुत बुरी तरीके से प्रभावित कर रही है। इसलिए, यह हमारी स्वयं की जिम्मेदारी है कि हम पर्यावरण के अनुकूल गतिविधियों को अपनाकर पृथ्वी की रक्षा करें।

पर्यावरण प्रोजेक्ट के अंतर्गत पृथ्वी को बचाने के लिए 1970 से हर साल 22 अप्रैल को मनाया जाने वाला दिन को पृथ्वी दिवस के नाम से जाना जाता है। इस प्रोजेक्ट को शुरू करने का मुख्य उद्देश्य यह है कि लोगों को स्वस्थ वातावरण में रहने के लिए प्रस्तावित किया जा सके। और इस प्रोजेक्ट पर हम सभी को योगदान करके पृथ्वी को रक्षा करना चाहिए।

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( धन्यवाद )