Essay on Nari Shakti in Hindi ( Women Empowerment) – महिला सशक्तिकरण पर निबंध

Essay on Nari Shakti in Hindi

Women Empowerment in Hindi

आज हम नारी शक्ति, यानी ( महिला सशक्तिकरण ) के बारे में जानेंगे ।

नारी शक्ति के बारे में जानने से पहले हमें यह समझना आवश्यक है की – नारी शक्ति का वास्तविक मतलब क्या है ! नारी शक्ति मतलब महिलाओं की उस क्षमता है, जिसके कारण उनमें वह योग्यता आती है जिससे वह अपने जीवन से जुड़े सभी निर्णय खुद ले सकती है ।

नारी अगर अपना कदम उठा लेती है तो परिवार आगे बढ़ता है , गांव आगे बढ़ता है, और राष्ट्र भी विकास की ओर बढ़ता है ।

Essay on Nari Shakti in Hindi

Essay on Healthy Food in Hindi | Importance of Books in Hindi  | About Parrot in Hindi

Essay on Nari Shakti in Hindi Under 100 Words

नारी को हम प्राचीन काल से ही शक्ति के प्रतीक मानते आए हैं । तब से लेकर आज तक ऐसे कई उदाहरण हमें देखने के लिए मिले हैं, जिससे हम नारी को एक शक्ति कहते हैं।

देखा जाए तो नारी स्वभाव से बहुत ही अच्छी होती है, लेकिन कोई भी व्यक्ति नारी पर अत्याचार करते हैं तो वे अपना विकराल स्वरूप धारण कर लेती है और वह उस दुष्ट की नाश करके ही छोड़ते हैं। नारी मां का स्वरूप होती है। वास्तव में हमारे समाज में नारी शक्ति का महत्वपूर्ण योगदान है ! लेकिन कुछ लोगों ने नारी को आज भी तुच्छ या फिर कमजोर साबित करते रहते हैं। यह उन लोगों की सबसे बड़ी भूल है। क्योंकि नारी आज के जमाने की सबसे बड़ी शक्ति है।

Essay on Nari Shakti in Hindi Under 200 Words

लिंग असमानता भारत की मुख्य सामाजिक मुद्दा है। जिसमें महिलाएं पुरुषवादी प्रमुख देश में पीछे जाने के लिए मजबूर हो रही है। जिस प्रकार से किसी रथ को ठीक से चलने के लिए दोनों पहियों की जरूरत होती है , ठीक उसी प्रकार महिलाओं को समाज में सशक्त करना आवश्यक होती है ।

महिला शक्ति को साधारण रूप से इस प्रकार समझा जा सकता है । महिला शक्ति का तात्पर्य यह है कि महिलाओं की शक्तिशाली होने की ही बात की गई है। जिसमें महिलाएं अपने जिंदगी से संबंधित हर एक फैसला खुद ले सके , तथा समाज में सर ऊंचा करके रह सके ।

महिलाएं अगर अपने समाज में खुद की पहचान बनाए रखने में सक्षम हो सकती है तो इसे भी हम नारी शक्ति की ही प्रतीक मानते हैं ।
भारतवर्ष एक पुरुष प्रधान देश है, जिसके लिए पुरुषों पर आर्थिक दायित्व तथा महिलाओं के लिए अपने परिवार की जिम्मेदारियां संभालना होती है। एवं साथ ही साथ महिलाओं के लिए कुछ पाबंदिया भी होती है। भारत की लगभग 50% आबादी महिलाओं की है। और देश के विकास में भी इनका योगदान अति अवश्य माना गया है। परंतु भारत की महिलाएं अभी भी पूर्ण रूप से सशक्त हो नहीं पाई है , क्योंकि उन्हें कई प्रकार के पाबंदी यो से बंधा रखा गया है। अतः राष्ट्र में सुधार एवं विकास के लिए नारी शक्ति का आवश्यक अति महत्वपूर्ण है। और नारी शक्ति को हमें सम्मान भी देनी चाहिए।

Essay on Nari Shakti in Hindi Under 500 Words ( Nari Sashaktikaran)

नारी के गुणों के बारे में अगर बात किया जाए तो – वे स्वभाव से बहुत ही सरल और मीठे स्वाभाव की होती है। उनके अंदर काफी गून भी देखने को मिलते हैं। नारी के अंदर सहनशीलता बहुत ही ज्यादा होती है। हम यदि गौर से देखें तो नारी में हमें एक बात यह भी देखने को मिलता है- की नारी बचपन से लेकर बुढ़ापे तक सब कुछ सहन करती जाती है, वह किसी को जवाब भी नहीं देती। बचपन से ही नारी को यह बात समझाया जाता है।

इसलिए शादी के बाद भी ससुराल में सबकी हर एक बात मानकर चल सकती है। इसके अलावा नारी में संघर्ष करने का गुण भी होती है ! अगर वह कुछ कार्य को पूरा करने के लिए ठान ले तो आसानी से पीछे हटती नहीं। वे उस कार्य के सफलता को प्राप्त करने के लिए लगातार संघर्ष करती रहती है। यही गुण नारी के अंदर विद्यमान होती है। नारी के अंदर धैर्य बहुत अधिक होता है , परंतु य हद से ज्यादा बढ़ जाए तो , यानी कोई उसे ज्यादा तंग करे तो फिर नारी – शक्ति, का रूप ले लेती है , और इस शक्ति रुपी नारी को देख कर अच्छे अच्छों को भी पीछे हटते हुए नजर आते हैं।

पहले जमाने से लेकर आज की नारी की अगर बात की जाए तो, हम देख सकते हैं कि पहले के जमाने में भी बहुत ऐसी नारियों ने जन्म लिया है जिन्होंने नारी को कमजोर ना समझते हुए अपने आप को साहस पूर्ण एवं निडर होकर बुराई का सामना किया , और अच्छे अच्छों की छक्के छुड़ा दिए। लेकिन पहले की नारी थोड़ी कमजोर भी थी। जैसे कि हम जानते हैं पहले जमाने में नारी संबंधित कई कुप्रथा प्रचलित थी, इसके अलावा भी- पर्दा प्रथा, नारी शिक्षा पर जोड़ ना देना , नारी को केबल घर गृहस्ती के कार्य में ही नियोजित करना, या फिर अपने खुद के निर्णय लेने का अधिकार ना देना। यही पावन दिया पहले जमाने में हम देखते थे।

लेकिन बदलते जमाने में इस आधुनिक युग में कुछ हद तक इस तरह की कुप्रथा बंद होती हुई हमें नजर आ रही है। और नारी को कमजोर नहीं बल्कि एक शक्तिशाली नारी के रूप में देखने को मिल रहा है। जैसे कि आज की नारियों को हम हरे क्षेत्र में भाग लेते हुए नजर आते हैं।
आज नारी पुरुषों की तरह डॉक्टर, इंजीनियर, कलेक्टर बनती नजर आ रही है। और तो और देश की प्रधानमंत्री भी एक नारी ही रह चुकी है ।आजकल तो देश की हर क्षेत्र में हमें नारी ही मुख्यमंत्री होती हुई नजर आ रही है।

Women Empowerment Essay in Hindi ( Mahila Sashaktikaran )

वास्तव में नारी पुरुषों से बिल्कुल भी कमजोर नहीं है। नारी देश की सबसे बड़ी शक्ति है और आने वाले समय में नारी सबसे आगे बढ़ेगी। यही सत्य है।

लेकिन दुख के साथ हमें यह कहना पड़ रहा है कि, हमारे देश भारत में आज भी नारी सुरक्षित नहीं है। नारी पर कई तरह के अत्याचार भी किए जाते हैं हमारे भारत देश में। भारत में नारियों को सशक्त बनने के लिए सबसे पहले समाज में उनके अधिकार एवं मूल्य सम्मान देना आवश्यक है। भारतवर्ष में नारी अधिकारों को नाश करने वाले उन नीच सोच को ही हमें जड़ से नाश करना जरूरी है। जैसे कि दहेज प्रथा , यौन हिंसा , अशिक्षा, असमानता, महिलाओं के प्रति घरेलू हिंसा, आदि मिटाना चाहिए ! जिसके कारण राष्ट्र में संस्कृति सामाजिक आर्थिक और शैक्षिक अंतर ले आता है जिससे हमारे देश पीछे पढ़ने की संभावना रखती है।

नारी शक्ति करण के सपनों को अगर सच कर्णी हो तो- लड़कियों की महत्व एवं उनकी शिक्षा की ओर ध्यान देना एवं प्रचारित करना जरूरी है। इसके साथ ही हमें नारी के प्रति हमारी सोच को भी विकसित करना होगा। तभी नारी शक्ति को उसकी सम्मान एवं सही मर्यादा प्राप्त होगी और यह हम सबका कर्तव्य है कि नारी शक्ति को हम सम्मान के साथ ग्रहण कर ले ।

-: जब है नारी में शक्ति सारी, तो फिर क्यों नारी को कहे बेचारी :-

नारी शक्ति (नारी सशक्तिकरण) के बारे में यह छोटी सी निबंध ( Essay on Nari Shakti in Hindi ) पर कर आप सभी को पसंद आया होगा यही आशा रखते हैं !

धन्यवाद

Essay on Healthy Food in Hindi – स्वस्थ भोजन पर निबंध

Essay on Healthy Food in Hindi

Healthy Food Essay in Hindi

हर व्यक्ति को जीवित रहने के लिए भोजन की जरूरत होती है। भोजन हमें शक्ति प्रदान करता है.. लेकिन शक्ति भी तभी मिलती है जब खाया जाने वाला आहार पोस्टिक हो ।

एक स्वस्थ कर जीवन के लिए पौष्टिक आहार बहुत ही जरूरी होती है । हमें स्वाद से ज्यादा खाने की पौष्टिकता पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए । इसलिए आपको अपने खाने की दिन चर्चा इस तरह से बनानी चाहिए कि तीनों समय या समय-समय पर कोई ना कोई पोस्टिक भोजन हमारे शरीर में प्रवेश कर सके । जिससे हम हमारे जीवन को एक सुंदर और स्वस्थ जीवन बना सके ।

Essay on Healthy Food in Hindi

Importance of Healthy Food in Hindi

पोस्टिक आहार स्वस्थ जीवन के लिए बहुत ही जरूरी होते हैं । इसलिए पोस्टिक भोजन करना हमारे लिए सिर्फ जरूरत नहीं बल्कि जरूरी है । इसलिए हमें बच्चों को भी पोस्टिक आहार खिलाना चाहिए ! और उन्हें जंक फूड से दूर रखना चाहिए तथा उसके बदले में पोस्टिक भोजन देना चाहिए ! जैसे कि सब जानते हैं, कि बच्चों को साधारण भोजन पसंद नहीं आता और वह जल्द ही उससे बोर भी हो जाते है । इसलिए बच्चों को पौष्टिक आहार खिलाने के लिए नए-नए तरीके निकालने चाहिए । जैसे कि हम जानते हैं कि बच्चों को रंग बिरंगा भोजन बहुत ही पसंद आते हैं ।

इसलिए उन्हें गाजर,मूली आदि सब्जियों का सलाद बना कर भी खिलाया जा सकता है ! जिस का अलग-अलग रंग देखकर उनको आकर्षित करेगा ! इसके अलावा भी पोस्टिक तत्व से भरपूर शिमला मिर्च, पालक, मलाई आदि का पिज़्ज़ा बना कर भी खिलाया जा सकता है! जिनसे उन्हें पौष्टिक तत्व के साथ साथ स्वाद भी मिलेंगे और आनंद भी । पोस्टिक आहार सिर्फ बच्चों को ही नहीं बड़ों को भी लेना अति आवश्यक है । क्योंकि आज की इस भाग दौड़ भरी जिंदगी में ऊर्जा और हिम्मत की बहुत ही जरूरत होती है ! एक इंसान के अंदर पर्याप्त मात्रा में पोस्टिक तत्व होने पर ही वे अच्छे से काम कर पता है । इसलिए हमें दिन चर्चा मैं पौष्टिक आहार को सम्मिलित करना होगा  जिसके कारण हमारे शरीर पर्याप्त पोषण पा सके । इसके अलावा भी हमें जंक फूड का त्याग देना चाहिए ! जोकि असल में एक अस्वस्थ कर भोजन है ! जिसमें कृत्रिम रंग और साद होते हैं । जो हमारे शरीर के लिए लुक सानदाय होती है । जंक फूड के कारण शरीर में मोटापा, मधुमेह, उच्च रक्तचाप जैसी खतरनाक बीमारियों का कारण भी बनता है । दूसरी तरफ पोस्टिक भोजन इन बीमारियों से हमें बचाते हैं ।

Essay on Healthy Food in Hindi Under 300 words

आज हम आपको बताएंगे कुछ ऐसे फूड्स के बारे में जो प्रोटीन से भरे होते हैं । प्रोटीन भोजन एक मुख्य आवश्यक तत्व है, प्रोटीन मानव शरीर के विकास व वृद्धि में सहायक पोशाक तत्व है! यही तत्व शरीर की कोशिकाओं को अर्थात मांस आदि का निर्माण करता है इसकी प्रचूर मात्रा भोजन में रहने से शरीर की कोशिकाओं का निर्मित और मरम्मत आदि कार्य के लिए सुचारू रूप से जीवन भर चलता रहता है। हमारे शरीर के सभी प्रक्रियाओं को अलग अलग मात्रा में अलग अलग समय पर प्रोटींस की जरूरत पड़ती है, शरीर हर समय प्रोटींस का इस्तेमाल करता रहता है, और हमेशा इसकी पूर्ति करना आवश्यक होता है, इसलिए स्वास्थ्य और निरोगी रहने के लिए रोज आहार में प्रोटीन लेना आवश्यक होता है।

प्रोटीन के अलावा विटामिन, कार्बोहाइड्रेट, फैट जैसे पोष्टिक तत्व भी हमारे शरीर में संतुलित मात्रा में होते हैं।  संतुलित आहार के अंतर्गत मनुष्य अनाज, हरी सब्जियां, दूध, दही और फल आदि खा सकता है जोकि बहुत ही पोस्टिक होते हैं। आधुनिक युग में लोग पौष्टिक आहार से दूर होते हुए हमें दिखाई पर रहे हैं। और तो और पोष्टिक आहार ना लेने के कारण बच्चों में मोटापा, मधुमेह, और ह्रदय रोग जैसी गंभीर बीमारियां उत्पन्न होती जा रही है ।

स्वस्थ भोजन खाने के रूप में हमें अधिक पानी पीना भी उतना ही महत्वपूर्ण माना जाता है ! स्वस्थ भोजन मस्तिष्क और शरीर को स्वस्थ और मजबूत बनाता है । फॉलो, सब्जियों का भोजन करने से भी हमारे शरीर और मस्तिष्क को स्वस्थ, मजबूत और सक्रिय बनाता है ! यह एक अच्छा शरीर के वजन को बनाए रखने में और बीमारियों से लड़ने में मदद करता है । स्वस्थ हमारे जीवन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है ! पौष्टिक आहार के साथ साथ हमें नियमित व्यायाम का भी आवश्यकता होती है । जिसके लिए हमें नियमित 3-4 घंटे रोजाना तेज चलने का अभ्यास भी करना चाहिए । उसके अलावा भी हाथ व्यायाम, खेलकूद आदि भी कर्णी चाहिए जिसके कारण यह हमारे स्वस्थ ठीक रखने में सहायक मंद सिद्ध होगा ।

Essay on Healthy Food in Hindi

Importance of Books in Hindi  | About Parrot in Hindi | Information About Coconut Tree in Hindi

Essay on Healthy Food in Hindi

तो आइए अब हम आपको बताते हैं कि प्रोटीन के लिए क्या क्या खाना हमारे लिए आवश्यक है: 

(1) हरी सब्जियां – इसमें प्रोटीन, कैल्शियम की मात्रा काफी रहता है । यह शरीर को ताकत देती है एवं आंखों की रोशनी को भी बढ़ाती है।

(2) मसूर की दाल – इस दाल की सेवन से खून को बढ़ावा मिलती है । इसके अलावा इसमें काफी मात्रा में विटामिन बी पाए जाते हैं, मसूर दाल की सेवन से काफी बीमारियां भी ठीक हो जाती है ।

(3) दही – प्रोटीन का सबसे अच्छा साधन है दही । रोज दही के इस्तेमाल से शरीर ठीक और निरोग रहता है । दही खाने से इंसान की उम्र भी बढ़ती है । एक बात हमें याद रखना चाहिए की दही को रात में ना खाया जाए इससे शरीर में नुकसान हो सकती है ।

(4) दूध- दूध में प्रोटीन के अलावा भी फास्फोरस, कैल्शियम और विटामिन भी अधिक मात्रा में पाए जाते हैं दूध हमारे शरीर के लिए एक पूर्ण मात्रा की आहार है ।

(5) सोयाबीन- सोयाबीन भी प्रोटीन से भरपूर खाद्य है । सोयाबीन से बनाने वाले पदार्थ भी शरीर में प्रोटीन पहुंचाता है । यह बच्चों तथा बड़ों को भी मानसिक एवं शारीरिक रूप से ठीक बनाए रखने में उपयोगी साबित हुई है !

(6) पीनट बटर- 1 दिन में दो चम्मच पीनट बटर खाने से आपकी दिन भर की प्रोटीन की जरूरत पूरी हो जाती है । 2 चम्मच पीनट बटर मैं करीब 8 ग्राम प्रोटीन होती है ! यह बीमारी से भी बचाती है ।

(7) बादाम- मुट्ठी भर बादाम खाने से भी हमारे शरीर 6 ग्राम प्रोटीन प्राप्त कर सकती है । यह दिल के लिए भी बहुत ही फायदेमंद होते हैं ।

(8) हरी गोभी- हरी गोभी में भी प्रोटीन के साथ साथ एंटी ऑक्सीडेंट मिनरल और फाइबर भी काफी मात्रा में पाए जाते हैं ।

(9) पालक- पालक 1 ऐसी सुपर फूड है जिसमें प्रोटीन भारी मात्रा में पाए जाते हैं ! पालक में एंटी एक्सीडेंट, विटामिन और मिनरल भी पाए जाते हैं ।

हमारे द्वारा बताए जाने वाले इन्हीं टॉप हाई प्रोटीन वाले फूड्स को अगर आप अपने जीवन में शामिल करेंगे तो आपको अपनी लाइफ में भरपूर प्रोटीन मिलता रहेगा ।

तो उम्मीद करते हैं हमारे द्वारा दी गई जानकारियां आपके लिए लाभदायक होगी । और हम आशा करते हैं की आपको हमारा यह निबंध (Essay on Healthy Food in Hindi) जरूर पसंद आया होगा ।

धन्यवाद

Importance of Books in Hindi – पुस्तकों का महत्व

Essay on Importance of Books in Hindi

आज मैं आपको पुस्तक के महत्व के बारे में बताऊंगा कि जो हमारे जीवन में भूमिका निभाता है। किताबों ज्ञान,ज्ञानका ग्रोत है जो हमारा सबसे अच्छा दोस्त है जो हमें मदद करता है, हमें सलाह देता है। जो हमें ज्ञान देता है और हमारी स्मृति शक्ति और बुद्धि को विकसित करने में मदद करता है।

About Parrot in Hindi | Information About Coconut Tree in HindiAbout Panda in Hindi

मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है जो एक समाज में रहना है। जिसमे रहने के लिए उसे बहुत सी बातों का ज्ञान होनी चाहिए। पुस्तक हमें ज्ञान देती है, वह ज्ञान का सागर है। किसी भी विषय के बारे में जानने के लिए पहले गुरु या लोग ही प्रमुख साधन होते हैं, लेकिन आव सभी बातें पुस्तकों में मिल जाती है जिन्हें पढ़कर मनुष्य का सामाजिक और मानसिक विकास होती है।

About Books in Hindi

पुस्तक अमर है क्योंकि बहुत से प्राचीन किताबों को लिखने वालों का निधन हो गया लेकिन उनके द्वारा लिखी गई पुस्तक आज भी जीवित है और हमारा मार्गदर्शन करते हैं, पुस्तक पढ़ने वालोंकि को हर मुसीबत का हाल मिल जाता है क्योंकि उसकी स्थिति से मिलती-जुलती स्थिति के विषय में उन्होंने कहीं ना कहीं पढ़ा होता है, जो हमारी सहयोगी होती है।

पुस्तक हमारी सच्ची मित्र होती है। वह हमें सब विषय में सहायता करती है, पुस्तक में हर तरह की ज्ञान मिल जाती है। इसीलिए पुस्तक हमारा सच्चीवाला मित्र होती है। जब भी हमें किसी भी मुसीबत में होते है तो पुस्तक इ हमें स्थाई से ही रास्ता देखाते है। पुस्तक में हम 200 साल भी पुराना मंदिर, राजा की कहानियां, इतिहास सब पुराना चीजों को आसानी से पढ़ सकते हैं। हर विषय की अपनी किताब है जिससे कि हम बिना किसी भी मुसीबत से अपने पसंदीदा विषय के बारे में ज्ञान प्राप्त कर सकते हैं।

आज के समय में पुस्तक के भारी मात्रा में उपलब्ध है। जिसमें गीता, रामायण आदि, जैसी पुस्तकों को पढ़कर मन को परम शांति का अनुभव होता है। जब हम अकेले होते हैं पुस्तक हमारी मनोरंजन का कारण भी बनती है।

Essay on Books in Hindi

पुस्तक से हमें ज्ञान की प्राप्ति होती हैं। पुस्तकों के माध्यम से हम तरह-तरह की बातें जान सकते हैं। अच्छी पुस्तकों से हम अच्छी
शब्द और बातों की जानकारी मिलती है, हमारा ज्ञान बढ़ता है। अच्छी पुस्तक सबसे अच्छी दोस्त होती है, पुस्तक हमारी जीवन में एक महत्वपूर्ण रोल अदा करते हैं। पुस्तक जितना वफादार और कोई नहीं होता है। एक पुस्तक ज्ञान तो हमें देती ही है इससे हमारा अच्छा खासा मनोरंजन भी हो जाता है। पुस्तक तो प्रेरणा का भंडार होती है। इन्हें पट़कार ही हमें जीवन में महान कार्य करने की प्रेरणा मिलती है। पुस्तक अपने विचारों और भावनाओं को दूसरों तक पहुंचाने का सबसे अच्छा तरीका है।

प्राचीन समय में पुस्तक आसानी से प्राप्त नहीं होती थी। उस वक्त ज्ञान का माध्यम केबल बानी के द्वारा ही किया जाता था। आज के आधुनिक युग में हर विषय पर अव जानकारीया हर भाषा में पुस्तकों में प्रकाशित होने लगी हैं।

पुस्तक चरित्र निर्माण का सबसे अच्छा साधन होती है। अच्छे विचारों, प्रेरणादायक कहानियां से भरपुर किताबों से देश को युवा पीढ़ी को एक नई दिशा दी जा सकती है। इनसे ही देश में एकता का पाठ पढ़ाया जा सकता है। इसलिए पुस्तक ज्ञान की वेहती हुई गंगा है जो कभी नहीं थमती। किंतु देखा गया है कि कुछ पुस्तक ऐसी भी होती है जो हमारा गलत मार्गदर्शन करते हैं। इसीलिए हमें ऐसी पुस्तकों को पड़ने से बचना चाहिए, हमेशा ज्ञान और प्रेरणादायक पुस्तक को ही पढ़नी चाहिए।

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About Parrot in Hindi – तोते के बारे में रोचक तथ्य

Information About Parrot in Hindi

तोता दुनिया के सबसे सुंदर पक्षियों में से एक है। इनकी पंखों की खूबसूरत रंग लोगों को उनके प्रति आकर्षित करता है। तोता दुनिया में कई सारी रंगो के तोते पाए जाते हैं जैसे कि – हरा, लाल, नीला. सफेद, पीला आदि भारत में ज्यादातर हरे रंग का तोता पाया जाता है। यह पक्षी गर्म देशों में ही पाया जाता है। पृथ्वी में तोता पक्षी का 350 से भी ज्यादा प्रजाति पाया जाता है।

तोता एक शाकाहारी होता है। यो हर तराकी फल, पत्तियां,अनाज, और वीजे खाना पसंद करता है । आम और अमरुद जैसे फल तो तोते के विशेष प्रिय होते हैं।  घरेलू तोते सभी चीजें बड़े चाव रे खाहते हैं जो भी हम उन्हें देते हैं । तोता बहुत तेज उड़ते हैं।

तोता के पंजे बहुत ही तेज होते हैं जिसके कारण वे किसी भी चीज को अपने पंजी से आसानी से पकड़ लेते हैं। फिर उसे चोंच से काट – काट कर बड़े मजे से खाते हैं। तोते नकल उतारने में माहिर होते हैं। तोता बार-बार जो भी शब्द सुन लेते हैं उसे आसानी से वलने लगते हैं।ये इंसानी बोली की नकल बड़ी ही आसानी से उतार लेते हैं। इसी कारण लोग तोते की पालना बहुत पसंद करते हैं।

भारत में लोग इन्हें  राम – राम, सीता राम, मिटठू और हरे – हरे जैसे शब्द सिखाते हैं और भी अच्छे-अच्छे शब्द सीखाते हैं।  ये अपनी हरकतों से सभी का मनोरंजन करते हैं।

Information About Parrot in Hindi Language

तोता एक मध्यम आकार का पक्षी है जो ज्यादातर गर्म प्रदेशों में ही पाया जाता है। यह देखने में बहुत ही सुंदर पक्षी होते हैं। इसलिए इसे ज्यादातर घरों में पाल कर रखा जाता है। हमारे देश भारत  में तोता हरे रंग का होता है अन्य देशों में यह सफेद, नीले, सतरंगी, पीला लाल रंगों में भी पाया जाता है। इसकी लंबाई 10 से 12 इंच होती है।

तोता बहुत तेज गति से उड़ सकता है। तोते की आवाज  1 किलोमीटर दूर से ही सुना जा सकता है। तोते एक बुद्धिमान पक्षियों में एक है इसीलिए इसकी सिखाया जाने पर  वे कोई भी भाषा आसनी से बोल सकता है।  Kakapo नामक तोते का वजन इतना ज्यादा है कि वो ठीक से उड़ नहीं पाता है, इसका शिकार जंगली जानवर आसानी से कर लेते हैंइसके कारण एक प्रजाति विलुप्त होने के कगार पर है।

तोते का विज्ञानिक नाम सीटाकयूला कैमरी है। दुनिया के सबसे छोटा तोता का नाम pygmy parrot है।  प्राचीन समय से ही तोते को मनुष्य पलना आ रहा है। तोते का वजन 500 ग्राम से लेकर 1 किलो तक हो सकता है। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में एक तोते का नाम दर्ज है जो 82 साल तक जिया था। इस तोते का नाम cookie था।

Amazing Facts About Parrot in Hindi

(1) तोता, पक्षियों के सिटैसी(pasittaci) गण के सिटैसिडी(psittacidae)कुल का पक्षी है।

(2) तोता गमै देशों में पाया जाता है।

(3) तोते के पंख सामायतया हरे रंग के होते हैं। इसकी एक लाल रंग की चोचं होती है। इसकी चोचं मुड़ी हुई होती है।

(4) तोता की गर्दन पर लाल रंग एवं काले रंग के वृत्त होते हैं।

(5)  तोते एक बेहत आकर्षित एवं सुंदर पक्षी होता है।

(6) तोता कई रंग के होने हैं किंतु उनके अडं पूरे सफेद रंग के ही होते हैं।

(7) तोता की औसली उम्र 15 से 20 साल के बीच होते हैं।

(8) तोता एकमात्र ऐसा पक्षी है जो अपने पंजे से अपने मुंह में खाना पहुंचा सकता है।

(9) तोता सामान्यतया पेड़ों के बिल में निवास करता है।

(10) दुनिया में 350 से भी ज्यादा प्रजाति के तोते पाए जाते हैं

 

Information About Coconut Tree in Hindi – नारियल का उपयोग और लाभ

Information About Coconut Tree in Hindi

About Coconut Tree in Hindi

ऐसे बहुत ही कम चीजें हैं जो कि हमारे शरीर से जुड़ी एक से ज्यादा समस्याओं को पूरी तरह से ठीक कर सकती है। नारियल उन चुनिंदा चीजों में से एक है नारियल को कभी प्रसाद के रूप में तो कभी तेल के रूप में या फिर नारियल पानी हर कोई व्यक्ति कभी ना कभी इस्तेमाल करता ही है। क्या आप जानते हैं, कि नारियल एक सुपर फूड की श्रेणी में आता है जिसका केवल इस्तेमाल करने का तरीका बदल देने से यह हमारी शरीर की बीमारियों, त्वचा की समस्या और बाल के समस्याओं मैं दवाइयों से भी ज्यादा अच्छे से काम करता है।

संस्कृत में नारियल की पेड़ को कल्पवृक्ष और नारियल को श्रीफल कहा गया है, यह एक ऐसा फल है जो कि सभी तरह की जरूरतों को पूरा करने के लिए बनाया गया है अगर नारियल खाया जाए तो यह हमारी शरीर को कुछ अलग तरह से प्रभाव पड़ता है वहीं अगर नारियल को ताजा या फिर नारियल की मलाई को खाया जाए यह हमारे शरीर को अलग तरह से प्रभावित करता है।

नारियल के तेल को अलग-अलग चीजों में मिलाकर कई सारी बीमारियों के घरेलू दवा भी बनाया जाता है नारियल की सूखा छाल कई तरह के पेट संबंधित बीमारियों में लाभदायक होता है।

Information About Coconut Tree in Hindi

About Panda in HindiAbout Crocodile in HindiAbout Rose flower in Hindi

Information About Coconut Tree in Hindi

भारत में किसी अच्छे काम को शुरू करने से पहले हमारे यहां नारियल फोड़ा जाता है ठीक इसी तरह अगर हम नारियल को हमारी रोजाना जिंदगी में शामिल कर ले हमारी आंखें त्वचा दिमाग बाल और शरीर के सभी अन धुनि हिस्से में लाभदायक होता है। शरीर से जुड़ी कई तरह की समस्या जैसे कि मोटापा हाई ब्लड प्रेशर हाय कोलेस्ट्रॉल किडनी की बीमारी पिंपल्स बाल का झड़ना जिसे 150 से भी ज्यादा बीमारियों में नारियल का उपयोग करने से अद्भुत लाभ मिलता है।

नारियल के इतने सारे फायदे होने के बावजूद बहुत सारी लोगों को मन में नारियल से जुड़े कई सारे गलत फैमिली है जैसे कि नारियल को डायबिटीज हाई ब्लड प्रेशर हाई कोलेस्ट्रॉल के दौरान इस्तेमाल नहीं करना चाहिए लेकिन मात्र नारियल ही एक ऐसा फल है जो कि बच्चों से लेकर बूढ़े नौजवान और पालतू जानवर की भी शरीर को रोग मुक्त रखा जा सकता है।

आइए जानते हैं नारियल से जुड़े कुछ अद्भुत फायदे के बारे में और जानते हैं की अलग-अलग बीमारियों में नारियल का किस तरह से इस्तेमाल किया जाता है।

नारियल के अंदर MCT नामक फैटी एसिड अधिक मात्रा में रहता है यह एक चमत्कारी फैटी एसिड का ग्रुप होता है जो कि नारियल को अन्य फलों से अलग बनाता है आपको जानकर हैरानी होगी की MCT नामक फैटी एसिड मां की दूध में भी पाया जाता है और यह इतना अद्भुत होता है कि जन्म लिए गए बच्चे कुछ महीने तक किए गए मां की दूध हमारी शरीर पर मरते दम तक बरकरार रहता है। एमसीडी का मात्रा अधिक होने की वजह से नारियल नारियल का तेल नारियल का पानी हमारी शरीर में आसानी से पचता है और किसी भी फलों के तुलना में नारियल हमारी शरीर पर सबसे जल्दी असर करना शुरू करता है इसी वजह से नारियल का पानी या फिर नारियल का दूध पीने से हमारे शरीर के ताकत में तेजी से बदलाव आता है।

Facts About Coconut Tree in Hindi

अपनी रोजाना की डाइट में एक चम्मच नारियल के तेल लेने से यह हमारी शरीर के चर्बी और बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करता है नारियल का सबसे ज्यादा असर हमारी सेंट्रल एडवर्सिटी पर होता है। यह खासकर की पेट कमर और हाथों की नीचे जमा होने वाली चर्बी को कम करने में मदद करता है इसीलिए वजन कम करने के लिए अपनी डाइट पर नारियल का तेल जरूर शामिल करना चाहिए।

 

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