Soil Pollution in Hindi – मृदा प्रदूषण पर निबंध

मृदा यानी मिट्टी, प्रदूषण जो मानव निर्मित उद्योगिक कचरे, कृषि रसायन, और घरों, कारखानों आदि अवशिष्ट एवं अन्य हानिकारक पदार्थ अप्रत्यक्ष रूप से प्राकृतिक रूप में मिट्टी से मिलकर मिट्टी को दूषित करते हैं। जिस कारण भूमि के उर्वरता को कम करने का मुख्य कारण बनता है और इससे फसल के लिए बी अयोग्य बनाता है।

Soil Pollution in Hindi

हम सभी वायु में सांस लेते हैं और जल को पीते हैं, किंतु मिट्टी ही एक ऐसा साधन है जिससे हमें सभी प्रकार के भोजन प्राप्त होता है। मिट्टी की ऊपरी सतह ही उर्वरता की खान है, जिस कारण फसल उत्पन्न होती है।

मिट्टी की यह उर्वरता उस में पाए जाने वाले कोटि-कोटि सूक्ष्म जीवो के कारण है , जो मिट्टी के बनते उसकी संरचना तथा उसकी उर्वरता में सक्रिय हाथ बटाते है। यदि सूक्ष्मजीव ना होती तो भूमि सर्वथा बंजर होती और फसल के नाम पर कुछ भी ना हुआ होता।

भूमि ब्रह्मांड की एक स्थाई इकाई है। इसी भूमि के रसायनिक या भौतिक तत्व में परिवर्तन होना ही भूमि प्रदूषण का मुख्य कारण माना गया है। भूमि का लगभग 50 प्रतिशत भाग प्रयोग के लायक है। एवं बाकी के 50 प्रतिशत भूमि भाग पर पर्वत एवं खाई आदि विराजमान है। आज के आधुनिक युग में प्रगति करने के लिए मनुष्य अपनी गतिविधियों से भूमि को निरंतर दूषित करता जा रहा है। जो भविष्य में मनुष्य के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।

Soil Pollution in Hindi

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Essay on Land Pollution in Hindi in 300 Words

पृथ्वी पर एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधन मिट्टी ही है। जो प्रत्यक्ष रूप से वनस्पतियों और धरती पर मानव जाति तथा पशुओं को अप्रत्यक्ष रूप से सहायता करती है। उपजाऊ मिट्टी वह मिट्टी है जो फसलों को बढ़ने में मदद करती है। वहीं दूसरी ओर देखा जाए तो मनुष्य और प्राकृतिक प्रक्रियाओके विभिन्न कार्य के द्वारा कम गुणवत्ता की मिट्टी को प्रदूषित मिट्टी कहा जाता है। जो फसल उत्पादन के लिए मिट्टी को अयोग बना देता है। बढ़ती हुई मानव जनसंख्या और इंसानी जीवन में उन्नति बड़े स्तर पर भूमि प्रदूषण का कारण बनता जा रहा है।

अत्यधिक भूमि अपरदन, जंगलों को जलाना, फसल उत्पादन में सुधार के लिए रसायनिक खादों का प्रयोग, कीटनाशक, कीटों के ऊपर नियंत्रण करने के लिए बायो साइट, ( मेलाथियान, डी डी टी, एंड्राइड, ड्रिलड्राइं न, एल्ड्रिन, लीनडन) चेरी और औद्योगिक कचरा, नीस्खलन, वनोन्मूलन, सुखा, औषधि औद्योगिक जल सिंचाई, जल सं लेखन, औद्योगिक सिंचाई, आदि ही भूमि प्रदूषण का मुख्य कारण है। यह देश के शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में दिनोंदिन बहुत तेजी से बढ़ता जा रहा है। रसायनों के माध्यम से ही मिट्टी में ओबानचनिया बाहरी तत्वों के भारी परिमाण की उपलब्धता के कारण मृदा यानी भूमि प्रदूषण मिट्टी के पोषकता को कमजोर कर रहा है।

आंकड़ों के अनुसार, यह ध्यान देना यज्ञ है कि फसल उत्पादन बढ़ाने के लिए 1999 से 2000 तक 18.07 मिलियन टर्न एवं 1980 से 81 तक 5.5 मिलियन टर्न रसायनिक खादों का उपयोग किसानों द्वारा किया गया है। ऐसे ही जहरीले रसायन खाद्य के द्वारा मानव शरीर में शारीरिक गड़बड़ी का कारण बनता जा रहा है ! एवं नए जन्म लिए बच्चों में शारीरिक गड़बड़ी के साथ तांत्रिक ट्यूब के कमी होने के द्वारा बहुत ज्यादा नुकसान भी पहुंचाते हैं ! इसी कारण हमें मिट्टी की उर्वरता को बरकरार रखने और इसको सुरक्षित रखने के लिए उचित कदम उठाने की आवश्यकता बहुत ही जरूरी है ! जिस कारण आने वाली पीढ़ी एवं विभिन्न प्रकार के जीव जंतु जीवित रह सके।

Essay on Land Pollution in Hindi in 500 Words

भूमि प्रदूषण यानी ताजा और उपजाऊ मिट्टी का प्रदूषण है, जो उस में पनपने वाली फसलों, पौधों, जानवरों, मनुष्य और अन्य जीवो के स्वस्थ पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। आवंचित पदार्थ एवं कई प्रकार के स्रोतों से विषाक्त रसायनों के प्रकार अलग- अलग अनुपात में मिलकर पूरी भूमि के प्रदूषण के कारण बन जाता है। एक बार यदि प्रदूषक मिट्टी में मिश्रित हो जाता है तो वह लंबे समय तक मिट्टी के साथ सीधे संपर्क में रहता है। उपजाऊ भूमि में औद्योगिकीकरण और विभिन्न प्रभावी उर्वरकों की बढ़ती खपत से लगातार धरती की मिट्टी संरचना और उसका रंग बदल रहा है। जो कि पृथ्वी पर जितने भी जीवन है वह भविष्य के लिए बहुत ही खतरनाक संकेत दे रहा है।

उद्योगों और घरेलू संक्री लो द्वारा जारी किए जाने वाले विषाक्त पदार्थ के मिश्रण के माध्यम से पृथ्वी पर सारी उपजाऊ जमीन धीरे धीरे प्रदूषित हो रही है। भूमि प्रदूषण के प्रमुख स्रोत है औद्योगिक अवशिष्ट, सहरी अवशिष्ट, रासायनिक प्रदूषक, धातु प्रदूषण, जैविक एजेंट्स, रेडियोधर्मी प्रदूषण, एवं गलत कृषि पद्धतियां आदि है। औद्योगिक प्रक्रिया द्वारा जारी आज योगी कचरे में कार्बनिक, अकार्बनिक, ओ  बायोडिग्रेडेबल सामग्र होती है, जिनमें मिट्टी की भौतिक जैविक क्षमता ए बदलने की ताकत होती है। यह पूरी तरह से मिट्टी की बनावट और खनिज बैक्टीरिया और फंगस कालोनियों के स्तर को बदल कर रख देता है।

शहरी अपशिष्ट पदार्थ ठोस अवशिष्ट पदार्थ होते हैं जिनमें वाणिज्यिक और घरेलू कचरे शामिल होते हैं , जो मिट्टी पर भारी ढेर बनाते हैं और मृदा प्रदूषण को बढ़ावा देने में मदद करता है। रासायनिक प्रदूषक और धातु प्रदूषक , कपरा, साबुन, रंजक, सिंथेटिक, डिटर्जेंट, धातु और ड्रग्स उद्योगो से औद्योगिक अवशिष्ट मिट्टी और पानी में लगातार अपने खतरनाक कचरे को डंप कर रहा है। एवं यसीधे मिट्टी के जीवो को प्रभावित करता है। और मिट्टी के प्रजनन स्तर को कम करता है। जैविक प्रोजेक्ट जैसे कि बैक्टीरिया, शैवाल, कवक, प्रोटोजोआ, और नीमेंरोड्स, मिली पैड, केंचुए, आदि जैसे सूक्ष्मजीव मिट्टी के भौतिक रसायनिक तथा जैविक वातावरण को प्रभावित करते हैं, और मृदा प्रदूषण का कारण बनता है।

परमाणु रिएक्टरों, विस्फोट, अस्पतालों, वैज्ञानिक प्रयोगशाला ओ, जैसी आदि स्रोतों से भी कुछ रेडियोधर्मी प्रदूषक मिट्टी में घुस जाते हैं, और लंबे समय तक वहां रहकर भूमि प्रदूषण का कारण बनता है। भूमि प्रदूषण के स्रोत नगरपालिका के कचरे का ढेर, खाद्य प्रसंस्करण अवशिष्ट, खनन प्रथा आदि भी है। भूमि प्रदूषण स्वस्थ के लिए बहुत ही खतरनाक साबित हुई है। क्योंकि विषाक्त रसायन शरीर में जाकर खाद्य श्रृंखला के माध्यम से प्रवेश कर जाते हैं एवं पूरे आंतरिक शरीर प्रणाली को परेशान करता रहता है। भूमि प्रदूषण को कम करने और प्रतिबंधित करने के लिए पर्यावरण संरक्षण कानूनों के सहित सभी प्रभावी नियंत्रण उपायों का अनुसरण लोगों के द्वारा विशेष रूप से उद्योगपति द्वारा किया जाना चाहिए। ठोस अपशिष्ट को रीसाइक्लिंग एवं पुनः उपयोग करनी चाहिए। और लोगों के बीच जहां तक हो सके वृक्ष रोपण को बढ़ावा देनी चाहिए। इसके द्वारा ही उत्पन्न प्रदूषण धीरे- धीरे कम हो सकता है।

Causes of Soil Pollution in Hindi

1) भूमि पर औद्योगिक एवं कारखाने आदि के अवशिष्ट पदार्थ से ही भूमि को प्रदूषित बनाया जाता है।

2) कृषि के लिए कीटनाशक और उर्वरकों के उपयोग में वृद्धि होने से भी मिट्टी के विषाक्तता बढ़ जाती है।

3) जानवरों एवं मनुष्य द्वारा खुले में मल त्याग करना भी भूमि प्रदूषण का कारण है।

4) एसिड बारिश भी सामान्य मिट्टी को पी एच (ph) के मात्रा को बढ़ा देता है। और प्राकृतिक मिट्टी को अम्लीय में बदल देती है।

5) जल में salinization के कारण मिट्टी में मिलकर घुलनशील नमक बढ़ाता है और इस वजह से मिट्टी विषैला बन जाता है।

6) मृदा अपरदन, सिरसा मिट्टी के नुकसान का कारण बनता है। यह मिट्टी को कम उपजाऊ बनाते हैं और जल की क्षमता को भी कम कर देता है।

Soil Pollution Effects in Hindi

1) मानव स्वस्थ पर प्रभाव डालता है।

2) मिट्टी की उत्पादकता कम कर देता है।

3) भू जल को प्रदूषित करता है।

4) सूक्ष्मजीव द्वारा कार्बनिक पदार्थ का उत्पादन अप्रिय गंद को पैदा करता है।

5) रेडियोधर्मी आइसोटोप शरीर के अवश्य किय तत्वों की जगह ले लेती है। एवं स्वस्थ असामान्य ता का कारण भी बनता है।

Control of Soil Pollution in Hindi

1) मिट्टी में अवशिष्ट निर्वाहन करने से पहले उसका उपचार करना चाहिए।

2) ठोस कचरे को उचित तरीके से एकत्रित क्या जाना चाहिए।

3) कचरे से उपयोगी उत्पादों को संग्रह कर लेनी चाहिए।

4) मवेशियों के गोबर का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

5) उर्वरक और कीटनाशकों का कम से कम उपयोग करना चाहिए  आदि

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